सलोनी के पिता रतन सिंह और उनके बड़े भाई निर्मल सिंह के परिवारों में मेढ़ को लेकर चार साल से विवाद चला आ रहा है। दोनों परिवारों में कई बार कहासुनी भी हो चुकी थी। रतन सिंह की तीन साल पहले मौत हो गई थी। यह मामला थाना दिवस में भी पहुंचा था, लेकिन पुलिस समाधान नहीं करा सकी, जिससे दोनों परिवारों में रंजिश चली आ रही है। जब भी विवाद होता था, तो पिता की मौत के बाद सलोनी ही आरोपी पक्ष का सामना करती थी।
मामले की जांच करती पुलिस।
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अपनी खेती संभालती थी सलोनी
पिता की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सलोनी अपने छोटे भाई गौरव व मां अखलेश के साथ खेती संभाल रही थी। उसके परिवार के नाम चार बीघा कृषि भूमि है। सलोनी की हत्या के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांव में पुलिस तैनात है।
हत्यारोपियों के घर दबिश देती पुलिस।
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चार भाई हैं आरोपी
आरोपी हरेंद्र उर्फ साधू के तीन भाई और हैं। इनमें से भाई नरेंद्र सेना में था। सेवानिवृत्त होने पर वह परिवार सहित गांव में रहता है। दूसरा भाई ओमवीर परिवहन निगम में परिचालक है। तीसरा भाई सुक्का भी गांव में ही रहता है। इनके नाम 20 बीघा जमीन है। चारों भाइयों को केस में नामजद किया गया है। सभी लोग घर से फरार हैं।