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Muzaffarnagar: नौवीं की छात्रा से दुष्कर्म के दोषी दंपती को आजीवन कारावास, 10 साल पहले अंजाम दी गई थी वारदात

Mon, 09 Jun 2025 09:29 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि 40 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद था। इसी विवाद में मारपीट हो गई। लेकिन अदालत में लेन-देन का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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शामली कोतवाली क्षेत्र में 10 साल पहले कक्षा नौ की छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी अमित शर्मा और साजिश रचने में दोषी उसकी पत्नी रूबी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट संख्या-एक की पीठासीन अधिकारी मंजुला भालोटिया ने फैसला सुनाया।

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पीड़िता पक्ष ने 21 अप्रैल 2015 को अपने मकान में किराएदार अमित शर्मा, उसकी पत्नी रूबी और देवर मोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित पक्ष का कहना था कि मकान मालकिन डॉक्टर के यहां उपचार कराने गई थी, इस दौरान आरोपी उसकी बेटी कक्षा नौ की छात्रा को ऊपर कमरे में ले गए और दुष्कर्म कर वीडियो बना लिया।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने सोमवार को दंपती पर दोष सिद्ध किया। दोनों को दुष्कर्म और 3/4 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
पीड़िता के साथ वारदात 11 अप्रैल 2015 को हुई थी। पीड़ित ने तहसील दिवस में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि पुलिस ने उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। तहसील दिवस में किए गए आदेश के बाद 21 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया गया था।

बचाव पक्ष ने कहा कि 40 हजार का विवाद
ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि 40 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद था। इसी विवाद में मारपीट हो गई। लेकिन अदालत में लेन-देन का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
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आरोपी मोहित भगोड़ा घोषित
ट्रायल के दौरान करीब डेढ़ साल पहले फरार हो जाने के कारण आरोपी मोहित को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। आरोपी की पत्रावली अलग कर दी गई थी।
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