सालभर गूंजा भ्रष्टाचार, सलाखों के पीछे जिला पूर्ति अधिकारी
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहे लोगों के हक पर खूब डाका डाला गया। लेखपाल रिश्वत लेते पकड़े गए। इसके अलावा राशन की कालाबाजारी को लेकर पूर्ति विभाग बदनाम हुआ। साल गुजरते-गुजरते सहारनपुर की सरकारी पाइप लाइन से तेल चोरी के मामले में जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला पर शिकंजा कसा गया और वह सलाखों के पीछे पहुंच गए। डीएसओ से पहले पूर्ति निरीक्षक और सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्रीराम कन्नौजिया पर मुकदमा दर्ज हुआ। कोरोना संक्रमण के दौर में विभाग की कार्यप्रणाली पर 2021 में सबसे ज्यादा सवाल उठे। कई जांच लंबित है, जिनमें कई और अधिकारियों के फंसने की संभावना है। लेखपाल किसानों से रिश्वत लेते पकड़े गए।
बोरे में बंद मिले तीन साल पुराने कार्ड
जून महीने में पुरकाजी में राशन की दुकान पर एक बोरे में 300 से अधिक राशन कार्ड मिले थे। बोरे से निकले राशन कार्ड 2018 में बने थे, लेकिन यह कार्डधारकों तक पहुंचे ही नहीं थे। वीडियो वायरल हुआ तो पुरकाजी में हंगामा हो गया था।
बायो डीजल के नाम पर खूब चले अवैध पंप
जिले में बायो डीजल के नाम पर खूब अवैध पंप चलते रहे। खुद आपूर्ति विभाग की जांच में इसका कई बार खुलासा हुआ। सालभर अवैध डीजल का गोरख धंधा चलता रहा।
14 सौ रुपये की रिश्वत का वीडियो वायरल
जून माह में सदर तहसील में कार्यरत गांव निरमानी के लेेखपाल का एक किसान से जमानती जांच के नाम पर 1400 रुपये रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल इस साल खूब चर्चाओं में रहा। एसडीएम सदर ने लेखपाल को सस्पेंड कर दिया था।
जमीन की पैमाइश के नाम पर ली रिश्वत
जुलाई माह में खतौली निवासी व्यापारी से उसकी गांव मुजाहिदपुर में स्थित कृषि भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए जमीन की पैमाइश करने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। आरोपी लेखपाल निलंबित कर दिया गया था। प्रकरण की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।
पीनना के किसान से ली थी रिश्वत
सितंबर माह में पीनना गांव के किसान से लेखपाल ने एक हजार रुपये की रिश्वत ली थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
रंगे हाथ पकड़ा गया था लेखपाल
एंटी करप्शन की टीम ने चकबंदी के लेखपाल जनेश्वर को एक किसान से 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। सितंबर माह में यह कार्रवाई की गई। किसान से जमीन के काम के लिए रुपये मांगे गए थे।