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‘विश्वास रखो इस बार सभी, ये नीर-खीर हो जाएगा’

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मुजफ्फरनगर में नुमाईश में आयोजित कवि सम्मेलन में मंचासीन कवि व काव्य पाठ करती अंबिका अंबर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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‘विश्वास रखो इस बार सभी, ये नीर-खीर हो जाएगा’
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मुजफ्फरनगर। जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देर रात तक गीतों और कविताओं की रसधार बही। वीर रस की कविताओं ने जोश भरा। हास्य की रचनाओं पर ठहाके लगे तो प्रेम के गीतों पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे।
सोमवार रात प्रदर्शनी पांडाल में कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, जिला प्रभारी सतेंद्र सिसौदिया, जगदीश पांचाल और मुख्य विकास अधिकारी आलोक यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। अलवर (राजस्थान) से आए वीर रस के कवि विनीत चौहान ने देशभक्ति का जोश भरा। उनकी रचना ‘विश्वास रखो इस बार सभी, ये नीर-खीर हो जाएगा, सिंधु तट के आर-पार सब कश्मीर हो जाएगा ’ पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई। चौहान की रचना ‘कुछ देशभक्ति के मंत्र वहां जाकर हमने बांचे तो हैं, हम देशद्रोह के विषधर के फन पर चढ़कर नाचे तो हैं, आतंकवाद के अंधड़ को आगे बढ़ ललकारा तो है, धीमा ही सही तमाचा पर उसके मुंह पर मारा तो है’ ने भी जोश भरा।
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बाराबंकी से आए प्रियांशु गजेंद्र ने ‘तुम संवरती-संवरती हुई सैफई, मैं उजड़कर मुजफ्फरनगर हो गया’ सुनाकर दाद बटोरी। दिल्ली से आए डॉ. अरुण पांडेय आशीष की रचना ‘फलक पर लाख तारे हो, सितारा एक होता है, नजर को बांध दे, ऐसा नजारा एक होता है... ’ को सराहा गया। वहीं मैनपुरी से आए बलराम श्रीवास्तव ने ‘दर्द दिल का किसी से कहे न कहे, नैन से अश्रु मोती बहे....’ रचना सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
मथुरा से आई कवियित्री पूनम वर्मा ‘मै हूं पूनम, जिसे सागर भी प्यार करते हैं, जान मुझ पर बार-बार निसार करते हैं...’ सुनाकर तालियां बटोरी। बुलंदशहर से आए वीर रस के कवि डॉ. अर्जुन सिसौदिया ने ‘जिस हेतू पाला व संवारा माता भारती ने उस विश्वास की कसम है, एक बार फिर भारती को खून दीजिएगा.. देश की जवानी को सुभाष की कसम है’ सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया। मुरादाबाद से आए महेश्वर तिवारी की रचना ‘ एक छोटी कनी में डूब गए, दूधिया रोशनी में डूब गए...’ पर देर तक तालियां बजती रही। सुनील उत्सव की रचना ‘सड़क के गहरे गड्ढे और वो बिजली आठ घंटे बस, तुम्हारी सारी करतूतें हमें याद हैं अब तक....’ ने श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया।
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कवियों को किया गया सम्मानित
देशभर से पहुंचे कवियों को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया। शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत और सम्मान किया।
इन्होंने भी किया काव्य पाठ
जबलपुर से सुदीप भोला और मेरठ की कवियित्री अनामिका जैन अंबर की रचनाओं को भी श्रोताओं ने खूब सराहा। मोदीनगर के प्रवीण रागी, दिल्ली के डॉ. अरुण आशीष, हुक्का बिजनौरी, टूंडला के लटूरी लट, वाराणसी के डॉ. अनिल चौबे, देहरादून से डॉ. श्रीकांत शर्मा और इटावा के डॉ. कमलेश शर्मा ने भी काव्य पाठ किया।
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