कोरोना ने लोगों को बना दिया शुगर के मरीज
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण से बिगड़ी लोगों की सेहत अब तक ठीक नहीं हो सकी है। संक्रमण ने लोगों को शुगर के मरीज बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग की स्टडी कहती है कि कोरोना संक्रमित हुए लोगों का शुगर लेवल लंबे समय बाद भी कंट्रोल नहीं हो पा रहा है।
जिला अस्पताल में कार्यरत डॉ. एसके त्यागी बताते हैं कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ी है। कोरोना के दौरान यह शुगर की चपेट में आए। कोरोना से तो मुक्ति मिल गई, लेकिन शुगर का लंबा उपचार चल रहा है। कई रोगी ऐसे हैं, जो लंबे उपचार के बाद भी जिनका शुगर लेवल पूरी तरह कंट्रोल नहीं हो सका है। कोरोना की दूसरी लहर ने शुगर की बीमारी को बढ़ा दिया है।
साढ़े चार हजार मरीजों का चल रह उपचार
जिला अस्पताल में शुगर के साढ़े चार हजार मरीजों का उपचार चल रहा है। डॉ. एसके त्यागी का कहना है कि जो भी मरीज पहुंचते हैं, उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
बच्चे भी बीमारी की चपेट में
शुगर की बीमारी की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं। हालांकि इनकी संख्या कम है। अस्पताल में करीब 20 शुगर से बीमार बच्चे पंजीकृत हैं।
खुद ही उपचार में जुटते हैं लोग
पूर्व सीएमओ डॉ. एसके त्यागी का कहना है कि शुगर की बीमारी आबादी के पांच से 10 फीसदी हिस्से को प्रभावित कर रही है। लेकिन अधिकतर लोग सरकारी अस्पतालों तक नहीं पहुंचते। खुद ही उपचार शुरू कर देते हैं या निजी डॉक्टरों से दवाई लेते हैं।
बैठे-बैठे बढ़ रहा शुगर
सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि शुगर की बीमारी बढ़ी है। इसकी वजह यह भी है कि लोगों ने शारीरिक श्रम के कार्य बेहद कम कर दिए हैं। आरामदेह जीवनशैली को त्यागकर ही बीमारी से बचा जा सकता है। रोजाना करीब एक घंटा टहलने से बीमारी से बचा जा सकता है।