फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ी साजिश का इशारा : मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण व निकाह के गवाह बने मेरठ के लोग, कहां से बने फर्जी प्रमाणपत्र, जांच शुरू

Thu, 24 Jun 2021 12:20 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

जनपद हमीरपुर से प्रेम-प्रसंग के नाम पर अपहरण कर लाई गईं दोनों युवतियों के आधार कार्ड भी आरोपियों द्वारा बनवाए गए हैं। अब थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है कि आरोपियों ने आखिरकार अपहृत युवतियों के फर्जी पहचान पत्र कैसे और कहां से बनवा लिए।
विज्ञापन
अधिकारियों से बातचीत करते भाजपा कार्यकर्ता व हमीरपुर की युवती - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में हमीरपुर से अपहृत कर लाईं गईं दो युवतियों के मामले में जो जानकारी पुलिस जांच में सामने आई हैं, उससे पूरे मामले में सुनियोजित साजिश की बू आ रही है। दोनों युवतियों का धर्मांतरण व निकाह मुजफ्फरनगर में कराए गए, लेकिन उनमें गवाह के तौर पर मेरठ जनपद के लोग शामिल हुए। पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन


दरअसल, दोनों अपहृत युवतियां न केवल आपस में एक-दूसरे को जानतीं थीं और उन्हें एक-दूसरे के धर्मांतरण व निकाह कर लेने की भी जानकारी थी। पुलिस ने बताया कि हमीरपुर से अपहरण के बाद दोनों युवतियों को एक-एक कर खतौली लाया गया। उनका पहले मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण कराकर नाम बदला गया और फिर निकाह भी कर लिया गया। बतौर साक्ष्य निकाहनामे को रजिस्टर्ड भी करा लिया गया था।

खास बात यह कि दोनों ही युवतियों के धर्मांतरण व निकाह तो मुजफ्फरनगर में हुए, लेकिन उनमें गवाह मेरठ के लोग बने। निकाहनामे के बाद युवतियों की मूल पहचान मिटाने के उद्देश्य से उनके मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किए गए, जिनमें से एक युवती का प्रमाणपत्र गत 15 जून को बनवा भी लिया गया। इससे इस पूरे मामले में किसी सुनियोजित साजिश के तहत बड़ा रैकेट चलने की भी आशंकाएं सामने आ रहीं हैं, जिसके बाद पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
विज्ञापन

कहां से बने फर्जी प्रमाणपत्र, शुरू हुई जांच
जनपद हमीरपुर से प्रेम-प्रसंग के नाम पर अपहरण कर लाई गईं दोनों युवतियों के आधार कार्ड भी आरोपियों द्वारा बनवाए गए हैं। इनके आधार पर ही उनके मूल निवास प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इससे पहले ही मामले का भंडाफोड़ हो गया।

अब थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है कि आरोपियों ने आखिरकार अपहृत युवतियों के फर्जी पहचान पत्र कैसे और कहां से बनवा लिए। सीओ खतौली राकेश सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी के आरोप में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी, कि आखिरकार कहां और कैसे फर्जी कागजात बनवाए गए हैं।

हमीरपुर में ही होंगे युवतियों के बयान दर्ज
कस्बा खतौली में जिला हमीरपुर से प्रेमजाल में फंसाकर लाई गईं दोनों युवतियों के बरामद होने के बाद उन्हें हमीरपुर पुलिस को सौंपा जाएगा। वहीं, आरोपियों को भी गिरफ्तारी के बाद वहीं भेजा जाएगा। दरअसल, दोनों युवतियों के अपहरण के मुकदमे जिला हमीरपुर में पहले से ही दर्ज हैं। इसके चलते पुलिस अपने यहां इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।
विज्ञापन

यदि आरोपियों के खिलाफ फर्जी कागजात बनवाने का मामला दर्ज होता है तो पुलिस के पास बस यही जांच रहेगी। वहीं, दोनों बरामद युवतियों के बयान भी हमीरपुर पुलिस द्वारा ही अपने यहां कोर्ट में कराए जाएंगे, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले भी युवती के अपहरण का आरोप
हमीरपुर से अपहरण कर लाईं गईं युवतियों का धर्मांतरण के बाद निकाह कराने के मामले से भाजपा व हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं आक्रोश व्याप्त है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपी वसीम इससे पहले भी गांव शेखपुरा निवासी युवती को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था।

अब फिर से आरोपी ने एक हिंदू युवती के अपहरण, धर्मांतरण व निकाह का मामला सामने आने के बाद लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले का खुलासा होने से तीन दिन पूर्व ही आरोपी कपड़ों की फेरी लगाने के लिए जम्मू रवाना हो गया है, जिसके चलते वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। थाने में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपियों व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें