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Muzaffarnagar News: एक महीने के लिए चकबंदी रोकी, जांच कमेटी गठित

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मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट में किसानों के धरने-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दूधली गांव में चकबंदी की प्रक्रिया पर एक महीने के लिए ब्रेक लगा दिया है। डीएम उमेश मिश्रा ने जांच कमेटी गठित की है। किसानों के आरोप सही पाए गए तो नक्शा 23 निरस्त कर दिया जाएगा। आश्वासन के बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया।
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शुक्रवार को धरने-प्रदर्शन में चकबंदी की प्रक्रिया वाले अन्य गांव के किसान शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और अदूरदर्शिता का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। अधिकारियों का तबादला हो जाता है और किसान परेशान घूमते रहे हैं। पूर्व में तैनात रही अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। ऐसे लोगों के वेतन से चकबंदी पर खर्च हुई धनराशि भी सरकार को वसूल करनी चाहिए।
किसानों के बीच एडीएम प्रशासन संजय कुमार और चकबंदी विभाग के अधिकारी पहुंचे और बातचीत की। जिलाध्यक्ष लोकेश राणा ने बताया कि एक महीने के लिए दूधली गांव की चकबंदी प्रक्रिया रोक दी गई है। डीएम उमेश मिश्रा की ओर से गठित टीम जांच करेगी। किसानों की शिकायतों को सुनाया जाएगा। अगर शिकायतें सही पाई गई तो चकबंदी विभाग की जवाबदेही तय होगी। इस मौके पर बिल्लू राणा, कृष्णपाल सिंह, सुधीर चौहान, अंकित पुंडीर और जोनी आदि मौजूद रहे।
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निगरानी के लिए टीम बनाएंगे ग्रामीण
दूधली के ग्रामीणों ने भी तय किया है कि पूरे मामले की निगरानी के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। जिलाध्यक्ष लोकेश राणा ने बताया कि प्रशासन की जांच के दौरान खुद किसान मजदूर भी पूरे मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की टीम को सही तथ्यों से अवगत कराया जाएगा।
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