मुजफ्फरनगर। भ्रष्टाचार निवारण संगठन सहारनपुर की टीम ने मोहल्ला रामपुरी से चकबंदी लेखपाल राजन कुमार को जमीन का हिस्सा ठीक करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर किया। कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी को बृहस्पतिवार को मेरठ भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सहारनपुर की टीम के निरीक्षक जसपाल सिंह ने बताया कि मेरठ के सरधना के मोहल्ला घोसियान निवासी नरेंद्र कुमार ने चरथावल के गांव मुथरा में एक साल पहले 30 बीघा जमीन खरीदी थी। मुथरा में चकबंदी चल रही है। आरोप है कि लेखपाल ने शिकायतकर्ता की आधा बीघा जमीन पड़ोसी खेत मालिक के हिस्से में चढ़ा दी। नौ माह से शिकायतकर्ता अपनी जमीन पूरी करने और सही पैमाइश कराने की मांग लेखपाल से कह रहा था। आरोप है कि जमीन वापस दिलाने की एवज में शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये मांगे गए।
पीड़ित ने आठ दिसंबर को सहारनपुर में शिकायत की। टीम ने शिकायतकर्ता व लेखपाल के मोबाइल का रिकॉर्ड खंगाला। मोहल्ला रामपुरी के भरत मिलाप चौक के पास लेखपाल को उसके निजी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। इस दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। बरामद रुपये सील किए गए है। शहर कोतवाली में टीम के निरीक्षक साबिर अली ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शामली का रहने वाला, 28 साल से तैनाती
आरोपी लेखपाल मूल रूप से जनपद शामली के बाबरी क्षेत्र के गांव हाथी करौदा का रहने वाला है। यहां अंकित विहार में रहता है और उसकी मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर 1997 से तैनाती है।
इस तरह शिकंजे में फंसा लेखपाल
भ्रष्टाचार निवारण संगठन सहारनपुर के निरीक्षक ने बताया कि लेखपाल ने पीड़ित से दो लाख रुपये मांगे थे। फिलहाल बीस हजार रुपये देने पर सहमति बन गई। लेखपाल ने शिकायतकर्ता को बुधवार को बीस हजार रुपये लेकर अपने रामपुरी स्थित निजी कार्यालय पर बुलाया। पीड़ित ने रंग लगे रुपये लेखपाल को दिए तभी टीम ने उसे मौके से पकड़ लिया। इससे पहले टीम ने डीएम से मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी भी दी थी।