मुजफ्फरनगर। शहर से सटे तीन गांव की भूमि में आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से प्रस्तावित नई कॉलोनी बसाने का किसान विरोध कर रहे हैं। परिषद की ओर से भूमि का सर्वे कराने के लिए निजी कंपनी हेनटेक को ठेका दिया गया है। मंगलवार को कंपनी कर्मचारी सर्वे के लिए क्षेत्र में पहुंचे तो किसानों ने विरोध प्रकट करते हुए उन्हें लौटा दिया।
गांव शेरनगर, धंधेड़ा और बिलासपुर की करीब 280 हेक्टेयर भूमि में आवास विकास परिषद की ओर से नई कॉलोनी बसाने का प्रस्ताव है। इसके लिए परिषद की ओर से करीब 600 किसानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। किसान आवासीय गृहस्थान योजना-तीन के नाम से प्रस्तावित कॉलोनी के लिए चेन पुलिंग के माध्यम से जमीन ली जानी है। जमीन की प्रकृति एवं आसपास आबादी क्षेत्र आदि की जानकारी हासिल करने के लिए कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है।
मंगलवार को कंपनी के तीन कर्मचारी सर्वे के लिए जानसठ रोड पर पहुंचे तो कुछ किसान मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सर्वे करने वाली टीम का विरोध करते हुए उन्हेंं ससम्मान लौटने के लिए कहा। उसके पश्चात तीनों कर्मचारियों को एक स्थान पर बैठाकर लौटा दिया गया। किसानों ने कहा कि जमीन उनकी आजीविका का साधन है। वह अपनी जमीन किसी को देना नहीं चाहते। इसलिए प्रभावित किसान उक्त योजना का विरोध कर रहे हैं। कहा कि सभी किसान लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जता रहे हैं। किसान सुकेश कुमार, मनोज चौधरी, प्रमोद राठी, मनोज गुर्जर, सीताराम सैनी, तौसीफ चौधरी, मो. खुर्रम, सत्तार आदि शामिल रहे।
आवास विकास परिषद मेरठ केे अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि किसानों के विरोध के चलते सर्वे टीम लौट गई। टीम कुछ दिन बाद फिर वापस आएगी।