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गुड़ महोत्सव : भोजन की थाली में लाएंगे गुड़ की मिठास

Tue, 11 Jun 2019 12:43 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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गुड़ महोत्सव में मंत्री सतीश महाना को सम्मानित करते डीएम, एसएसपी और विधायक। - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि गुड़ हमारी संस्कृति से जुड़ा है। भोजन की थाली से गुड़ कब गायब हो गया, पता ही नहीं चला। जब से गुड़ गया भोजन का मिठास भी चली गई। इस मिठास को भोजन की थाली से दोबारा जोड़ना होगा। इस सब के पीछे किसानों की आय दोगुनी करना भी हमारा मकसद है। श्रीराम कॉलेज में आयोजित गुड़ महोत्सव में समापन समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने कहा कि गुड़ के उत्पादन और बिक्री को लेकर जितनी भी परेशानी है। इन सभी को दूर किया जाएगा।
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जिला प्रशासन समस्याओं और गुड़ उद्योग जो रियायतें दी जा सकती है। उनका एक आउटपुट तैयार करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखकर निराकरण करा दिया जाएगा। गुड़ महोत्सव से इस जिले के गुड़ की मिठास पूरे देश में पहुंचेगी। हमारे देश का मूल किसान है। हमारी सरकार किसान के सुखदुख में शामिल होकर, उसकी परेशानियों को खत्म करना चाहती है। गुड़ महोत्सव भी इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है। हम बचपन में भोजन करते तो हमारी थाली में गुड़ भी होता था। यह गुड़ थाली से कब गायब हो गया पता ही नहीं चला। गुड़ की इस मिठास को दोबारा थाली में पहुंचाना है। गुड़ महोत्सव से इसकी शुरूआत हुई है।

 बड़े होटल में जिसे हम ब्राउन शुगर बताकर चाव से खाते हैं। इस खांड़ का खुद हमने प्रयोग बंद कर दिया। गुड़, खांड़ और राब के लिए हमें काम करना है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने इस चुनाव में जाति की दीवारों को तोड़ दिया है। विश्वास दिलाया कि भाजपा पर जनता ने जिस तरह से भरोसा किया है। इस भरोसे को कायम रखा जाएगा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गुड़ हमारी ग्रामीण संस्कृति में रचा बसा है। बहुत सी खाने की चीजें हम गुड़ से ही बनाते रहे हैं।
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चूरमा हमारी खास पहचान होती रही है। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने कहा कि अब जिले में बिजली विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी कोल्हू संचालक का उत्पीड़न नहीं कर पाएगा। शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि देश के दूसरे स्थानों पर हमारी पहचान गुड़ से ही है। हम किसी के पास गुड़ लेकर जाते हैं तो वह खुश हो जाता है।

एक हजार के मिठाई के डिब्बे से ज्यादा स्नेह 100 रुपए का दो किलो गुड़ देने पर मिलता है। पुरकाजी विधायक प्रमोट ऊंटवाल ने भी विचार रखे। श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग के रवि गौतम और उनकी टीम के द्वारा गन्ने पर तैयार डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। डीएम अजय शंकर पांडेय ने गुड़ महोत्सव की उपलब्धि बताई। महोत्सव में जिला सहकारी बैंक के संचालक सुभाष चौधरी समेत अन्य लोगों को भी सम्मानित किया। संचालन डॉॅॅ. एससी कुलश्रेष्ठ और प्रशांत चौहान ने किया।

मुख्यमंत्री ने की सराहना
गुड़ महोत्सव का आयोजन करने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने भेजे संदेश में कहा कि समाज और राष्ट्र हित के कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए। एक जिला, एक उत्पाद में गुड़ को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन सभी रचनात्मक कदम उठाए। एडीएम वित्त आलोक कुमार ने सीएम का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने डीएम अजय शंकर पांडेय को गुड़ महोत्सव के सफल आयोजन के लिए अभिनंदन पत्र भी दिया।

जिले में लगेगी गुड़ टेस्टिंग, पैकेजिंग की मशीन
प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद योजना में गुड़ के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए जिले में एक गुड़ टेस्टिंग और एक पैकेजिंग की मशीन लगाई जाएगी। गुड़ प्रोत्साहन संवर्धन समिति का गठन किया जाएगा। गुड़ की ई-ट्रेडिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। गुड़ महोत्सव के समापन समारोह में डीएम अजय शंकर पांडेय ने कहा कि जिले में गुड़ टेस्टिंग की मशीन लगाई जाएगी। गुड़ की गुणवत्ता की जांच के लिए यह जरूरी है। प्रदेश सरकार इस मशीन की खरीद पर 90 प्रतिशत अनुदान देगी।

गुड़ की पैकिंग के लिए 90 प्रतिशत के अनुदान पर ही मशीन खरीदी जा सकेगी। ये मशीन जिले को जल्द ही मिल जाएगी। गुड़ के उत्पादन और व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए जिले में गुड़ संवर्धन समिति का गठन किया जाएगा। डीएम इसके अध्यक्ष  रहेंगे। समिति में कोल्हू मालिक, मंडी के गुड़ व्यापारी, किसान प्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे। इसके अलावा पांच लोग जो गुड़ में दिलचस्पी रखते हों अलग से सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि गुड़ महोत्सव में कुल 447 कोल्हू संचालकों ने भाग लिया।

102 प्रकार के उत्पाद यहां आए। 26 प्रकार के गुड़ और 55 प्रकार के गुड़ के व्यंजन भी यहां देखने को मिले। 5654 लोगों ने गुड़ प्रदर्शनी का भ्रमण किया। गुड़ महोत्सव में गुड़ को कृषि उत्पाद घोषित करने, इससे जीएसटी को हटाने की मांग उठी। गुड़ से मंडी समिति शुल्क हटाने की मांग व्यापारियों ने की। कोल्हू संचालकों ने ट्यूबवेल के कनेक्शन पर कोल्हू का बिजली कनेक्शन देने की मांग की। सभी मांगों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से और सीधे प्रशासन की ओर से सरकार तक पहुंचाया जा रहा है। गुड़ महोत्सव का प्रयास सार्थक और लाभकारी होगा।
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