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हमारा प्रधान : बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र को शुरू कराना प्राथमिकता

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कुतुबपुर की ग्राम प्रधान सलमा खातून। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र को शुरू कराना है
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मुजफ्फरनगर, मीरापुर। कुतुबपुर गांव की नव निर्वाचित ग्राम प्रधान सलमा खातून का कहना है कि गांव में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा दिलाना उनकी प्राथमिकता है। गांव में बने स्वास्थ्य केंद्र की हालत जर्जर है। प्रशासन को स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति से अवगत करा कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कराई जाएगी। गांव की सुरक्षा की दृष्टि से सभी चौराहों पर कैमरे लगवाए जाएंगे। गरीब वर्ग को सरकार द्वारा दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को शारिरिक व्यायाम के लिए मैदान का प्रबंध किया जाएगा। सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगवाई जाएंगी।
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परिवहन, जल भराव की समस्या
ब्लॉक जानसठ के ग्राम कुतुबपुर विकसित गांव जाना जाता है। ग्राम कुतुबपुर बसपा सरकार में सचिव रहे शशांक शेखर की जन्मभूमि रही। बसपा सरकार में गांव में सड़कों का जाल बिछ गया था। गांव में प्राथमिक विद्यालय, इंटर कॉलेज, बैंक जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। मीरापुर कस्बे से चार किमी दूर गांव कुतुबपुर में परिवहन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण टेंपो व निजी वाहनों से आते जाते है। नव निर्वाचित ग्राम प्रधान 61 वर्षीया सलमा खातून के परिवार में कोई भी व्यक्ति राजनीति में नहीं रहा। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली सलमा ख़ातून मुस्लिम समुदाय से पहली प्रधान बनी हैं। कुतुबपुर में करीब दस हजार की आबादी और साढे़ चार हजार मतदाता है। गांव में अस्पताल, जलभराव की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि प्रतिदिन साफ़ सफाई जरूरी है। जो भी ग्रामीणों की समस्याएं है उनका निदान कराया जाएगा।
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प्रधान की प्रोफाइल
नाम- सलमा खातून
शिक्षा-- साक्षर
- प्रथम बार चुनाव लड़ीं जीत हासिल की
- आजादी के बाद से पहली मुस्लिम महिला ग्राम प्रधान चुनी गई हैं।
- परिवार खेती किसानी करता है, राजनीति से कोई वास्ता नहीं है।

कुतुबपुर गांव का प्राथमिक विद्यालय।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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