गरीबों को भोजन खिलाने में आगे आ रहे शहरवासी
मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी के बीच महेश ने शहर में किसी को भी भूखा नहीं रहने देने की ठानी है। रोजाना शाम को रेलवे स्टेशन पर ठीक छह बजे लंगर सेवा शुरू कर देते हैं और एक साथ सैकड़ों लोगों को भोजन कराते हैं।
सदर बाजार में रेडीमेड गारमेंट्स का व्यापार करने वाले महेश बाठला कोरोना काल में समाज के लिए आदर्श बनकर सामने आए हैं। उनका संकल्प है कि शहर में कोई भी भूखा नहीं सोना चाहिए। भोजन बनाने से लेकर भोजन वितरण के कार्य में उनके साथ एक पूरी टीम लगी है। शहर में लॉकडाउन लगने के बाद सैकड़ों लोगों की उम्मीद महाकाल लंगर सेवा पर ही है। रेलवे स्टेशन पर नई मंडी की ओर वाले चबूतरे पर शाम को ठीक साढे़ पांच बजे बजे भोजन पहुंच जाता है और भोजन वितरण में सेवा करने वाले लोग भी पहुंच जाते हैं। लगभग 250 लोग यहां एक साथ भोजन करते हैं।
उधर, लंगर सेवा में द एसडी पब्लिक स्कूल की टीचर अनुराधा बंसल प्रतिदिन 100 रोटी अपने हाथों से तैयार कर भेजती है। वह एक साल से निरंतर यह सेवा दे रही हैं। इसके अलावा भोजन बनाने का कार्य महेश की भांजी सलोनी कौर, नेहा कौर, इनकी सहेली भावना कर रही हैं। लंगर सेवा के संयोजक महेश का कहना है कि एक दिन के भोजन का खर्च लगभग चार हजार आता है। शुरु में हमने यह सेवा अपने परिवार और रिश्तेदारों के सहयोग से शुरू की। अब समाज के लोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।