रजिस्ट्री कराने के लिए अब घर बैठे जमीन की लोकेशन देखी जा सकती है। बेनामों में कोई हेराफेरी का खेल नहीं कर सकेगा। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी की पहल पर जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सर्किल रेट गूगल जीओ टैगिंग प्रारंभ हुई है। गूगल पर कोई भी व्यक्ति खरीदे जाने वाली जमीन की लोकेशन और उसका सर्किल रेट देख सकता है।
जिले की समस्त गांवों, कस्बों, कालोनियों, गली, मुहल्लों को के सर्किल रेट गूगल मैप पर टैक कर दिए गए हैं। एनआईसी की माध्यम से यह कार्य किया गया है। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग सर्किल रेट गूगल जीओ टैगिंग नाम से गूगल पर इसे देखा जा सकता है। इसके अंतर्गत जनपद की समस्त जमीनों को चिह्नित किया गया है। जमीन की रजिस्ट्री कराने वाला व्यक्ति यह देख सकता है कि जिस जमीन की वह रजिस्ट्री करा रहा है, उसका सर्किल रेट कितना है।
इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि जमीन की लोकेशन भी व्यक्ति अपने घर बैठे देख सकता है। इस प्रयास से स्टांप चोरी का खेल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। प्रभारी सहायक निबंधन स्टांप रविंद्र मेहता ने बताया कि डीएम के सहयोग से ये शुरुआत जनपद में ही हो पाई है। जिले में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जा रहा है। गूगल पर समस्त सूचना उपलब्ध करा दी गई है। इसके अलावा एनआईसी की वैबसाईट पर पीडीएफ फाईल में भी सर्किल रेट की सूची उपलब्ध है।
रजिस्ट्री में बिचौलिए खत्म होंगे: डीएम
मुजफ्फरनगर। डीएम जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि सर्किल रेट गूगल जीओ टैगिंग योजना जनपद में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ की गई है। इससे आम जनता को सीधे फायदा होगा। जमीन बिक्री और खरीदारी करने वाला व्यक्ति घर बैठे गूगल पर जमीन की लोकेशन से लेकर सर्किल रेट तक की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
आज से होगी ऑनलाइन रजिस्ट्री
मुजफ्फरनगर। प्रभारी सहायक महानिरीक्षक निबंधन रविंद्र मेहता ने बताया कि पांच दिसंबर से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे प्रदेश में इस ऑन लाईन व्यवस्था का शुभारंभ करेंगे।