स्कूलों बंद हुए तो बच्चों की पढ़ाई होगी ठप
मुजफ्फरनगर, खतौली। कोराना संक्रमण के मामलों में तेजी आने के बाद शासन ने कक्षा आठ तक के स्कूलों को चार अप्रैल तक न खोले जाने के आदेश जारी कर दिए। वहीं आठ से ऊपरी की कक्षाओं में भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शिक्षण कार्य कराने को कहा गया है। ऐसे में अगर आगे भी स्कूल बंद होेते हैं तो बच्चों की पढ़ाई इस बार भर ठप हो जाएगी।
गत वर्ष मार्च माह में कोरोना के पैर पसार लेने के बाद देश में लॉकडाउन लगाना पड़ा था। बच्चों को भी कोरोना से बचाने के लिए स्कूल, कालेजों का बंद करा दिया गया था। कोरोना की रफ्तार कम हुई तो सरकार ने पहले कालेज फिर स्कूल खोले जाने की इजाजत दे दी। ऐसी स्थिति में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल, कालेजों में भेजना शुरू किया। स्कूल प्रशासन द्वारा पूरे साल की फीस वसूली गई। जो फीस नहीं दे सके उनके बच्चे घर भेज दिए गए। नए सत्र में भी बच्चों का दाखिला करते हुए फीस जमा करवा ली गई है। कोरोना काल में स्कूल बंद होने के चलते बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाए। ऐसी स्थिति में फिर से कोरोना संक्रमण फैलने के कारण यदि स्कूल बंद होते है तो बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। अभिभावक सतेंद्र कुमार, हरिओम, विनीत, राजेंद्र गुप्ता आदि का कहना है कि गत वर्ष भी बच्चों की पढ़ाई के लिए मोबाइल का सहारा लिया गया था, लेकिन बच्चे पूरी तरह से अपना पाठयक्रम नहीं पढ़ पाए। बच्चों को अगली कक्षाओं में भेज दिया गया। यदि इस बार भी स्कूल बंद हुए, तब ऐसी स्थिति में बच्चों का भविष्य पूरी तरह से चौपट हो जाएगा।