बच्ची के हत्यारे को आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर। छह साल की बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले हत्यारे को पॉक्सो कोर्ट ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अभियुक्त पर 88 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियुक्त पिछले करीब साढे़ चार साल से जेल में बंद है।
शाहपुर थाने पर क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित पिता ने 29 नवंबर 2016 को अपनी छह साल की बेटी के लापता होने की सूचना दी थी। बताया था कि उसकी छह साल की बेटी जूता ठीक कराने के लिए संत कुमार के यहां गई थी, जो वापस नहीं आई। पुलिस ने बच्ची के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। घटना के चार दिन बाद 3 दिसंबर 2016 को बच्ची की लाश गांव के पास रजबहे से मिली थी। पुलिस ने संत कुमार को गिरफ्तार करके उनकी निशानदेही पर घर से बच्ची का जूता, एक कपड़ा, बाल बरामद किए थे। संत कुमार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी गला दबा कर हत्या कर दी थी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट संख्या- 2 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी दीपक गौतम, विशेष लोक अभियोजक विनय अरोरा और वादी के अधिवक्ता चौधरी शौकीन अली ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त संत कुमार को बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर शव छुपाने का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 88 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। संतकुमार बीते साढे़ चार साल से जेल में बंद है। इस मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने की
तीन दिनों तक घर में छिपाई रखी बच्ची की लाश
मुजफ्फरनगर। हत्यारे संत कुमार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबा कर हत्या कर दी थी। उसकी पत्नी और बच्चे उसे छोड़ कर चले गए थे। वह घर में अकेला रहता था। बच्ची की हत्या करने के बाद उसने शव ठिकाने लगाने का प्रयास किया, मगर सफल नहीं हो सका। उसने तीन दिनों तक बच्ची की लाश को घर में ही छिपाए रखा। तीन बाद रात में उसने बच्ची की लाश का गांव के बाहर रजबहे में फेंक दिया था। इसके अगले दिन ही बच्ची की लाश बरामद हो गई थी।