बकाएदार उपभोक्ताओं से पूरा धन लेकर राशि की रसीद आईडी पंकज के-9 पर काट कर दे दी गई। भुगतान स्वयं रखकर यह धन सिक्योरिटी दर्शाकर डाल दिया गया। इस मामले में शामिल अफसरों और लिपिकों के खिलाफ जांच की मांग की गई है।
पांच-छह लाख का मामला है: पंकज
मुजफ्फरनगर। अधिशासी अभियंता नगर पंकज कुमार का कहना है कि कुछ उपभोक्ताओं के साथ धोखा हुआ है। जो फर्जी रसीद दी गई है, इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर ने गड़बड़ी की है। अब मामला सामने आ रहा है। लगभग पांच-छह लाख का मामला है। सौ के लगभग उपभोक्ता है। पहले मामला मेरे संज्ञान में नहीं था।
कंप्यूटर ऑपरेटर की हो चुकी है मौत
विद्युत निगम के जिस कंप्यूटर ऑपरेटर पर खेल करने का आरोप लगाया है, उसकी आठ दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। यह जानकारी खुद अधिशासी अभियंता ने दी।
पूरे मामले की होगी जांच
अधीक्षण अभियंता योगेंद्रपाल सिंह का कहना है कि बिजली के बिल की फर्जी रसीद दिए जाने का मामला मंगलवार को ही मेरे संज्ञान में आया है। यह मामला गंभीर है, इसकी एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।