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Muzaffarnagar News: दस प्रतिशत देने का वादा कर ठगे पांच करोड़

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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वर्मी कंपोस्ट का प्लांट लगाने की लागत का दस प्रतिशत पैसा प्रतिमाह देने व कंपनी में पैसा निवेश कराने वाले व्यक्ति को भी दस प्रतिशत पैसा देने का लालच दिया गया। इस कारण विश्वास करते हुए लोगों ने प्लांट में अपना पैसा तो लगाया ही साथ ही अपने परिचितों का पैसा भी लगवा दिया। जिले के लोगों से लगभग पांच करोड़ की ठगी की गई।

ठगी के शिकार भाकियू भानू के राष्ट्रीय महासचिव राज कुमार ने ठगी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है, जिस कारण ठगी करने वाली कंपनियों पर विश्वास कर लिया गया। प्रमोटर ने बताया था कि कंपनी के पास सहारनपुर में सौ बीघा जमीन है। वहां वर्मी कंपोस्ट की खेती की जाएगी।
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यदि कोई एक लाख रुपये लगाएगा तो उसके दस बेड लगाए जाएंगे। इस रकम का दस प्रतिशत प्रतिमाह मिलेगा। ज्यादा पैसा लगाने वाले को 24 बेड दिए जाएंगे, उन्हें 24 माह तक दस प्रतिशत पैसा वापस मिलेगा। लोगों को कंपनी ट्रेनिंग भी देगी।

पीड़ित राज कुमार का कहना है कि जिले से लगभग पांच करोड़ रुपये निवेश किए गए। हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड व यूपी के लोगों से लगभग पांच सौ करोड़ रुपये ठगने का अनुमान है। जीएसटी विभाग में भी शिकायत की है।
उन्होंने इस मामले में पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि आरोपी लोग पुलिस को बयान देकर वापस चले गए और पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोपी के दुबई भागने की आशंका जताई।

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सभी लोगों की बनाई आईडी
बताया कि सभी लोगों की कंपनी में बकायदा आईडी बनाई गई। 24 माह में बेड के पूरे पैसे वापस होने पर नए बेड फ्री लगाए जाएंगे।

यहां लगाए प्लांट
शहर के रामपुर तिराहे व मोरना में दो प्लांट लगाए गए। पैसा ठग लेने के बाद से प्लांट बंद पड़े हैं। लोग अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। देवबंद, बुढ़ाना भी प्लांट लगे हैं।
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प्रतिमाह किश्त न देकर एसएफ क्वाइन में पैसा लगाने को कहा-
बताया कि कंपनी ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार में भी प्लांट लगाने के नाम पर करोड़ों रुपया एकत्र किया। लोगों को कुुछ ही माह दस प्रतिशत पैसा दिया गया। पिछले सात-आठ माह से पैसा नहीं मिला। पैसा डूबता देख लोगों ने पैसा मांगा तो कंपनी संचालकों ने हरिद्वार जिले में होटल में बैठक की।
वहां कंपनी का पचास से साठ करोड़ रुपया बैंक के होल्ड कराने की जानकारी दी गई, जिस कारण पैसा मिलने में समय लगेगा। इसलिए अब कंपनी ने बिटक्वाइन की तरफ एसएफ क्वाइन जारी किया है। सभी लोग अपना पैसा अब इसमें लगाएं, लेकिन लोगों ने मामला समझते हुए पैसा नहीं लगाया।
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सहारनपुर में प्लॉट देने को कहा-
पीड़ित राज कुमार बताते हैं कि पैसा निवेश करने वाले लोगों ने पैसा मांगा तो कंपनी संचालकों ने सहारनपुर में बेहट क्षेत्र में कंपनी की भूमि में प्लॉट देने को कहा। यह जमीन सस्ती थी, जिसे किसी ने नहीं लिया।

डीएम भी करा रहे जांच
बताया गया कि इस मामले की जांच डीएम उमेश मिश्रा ने भी अपने स्तर से शुरू कराई है। एसएसपी अभिषेक सिंह के आदेश पर पहले सीओ अपराध देवव्रत बाजपेई और बाद में एसपी क्राइम प्रशांत कुमार ने जांच की। इसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ।
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यह था मामला-

स्टेप फार्मिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड माझीपुर, पोस्ट संसारपुर सहारनपुर के एमडी हाजी इकराम ने अपनी दो और कंपनियों स्टेप्स फार्मिंग प्राइवेट लिमिटेड एवं एसएफ आर्गेनिक की ओर से एक साल पहले मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम किया था। कंपनी के प्रमोटर्स रुड़की के गांव जुनैद अंसारी निवासी ढंढेरा व गंगोह के मोहल्ला टाकान निवासी खालिद अंसारी ने लोगों को जानकारी दी थी। बताया था कि कंपनी जैविक भारत मिशन के साथ बेरोजगारी के मुद्दे पर काम करती है। यह बताकर जनपद के 23 लोगों से ठगी की थी। थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया।
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