संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहायक है विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई गई। इसमें चौधरी चरण सिंह और मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 महाविद्यालयों की टीम के 24 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज विजेता घोषित किया गया।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में शनिवार को हुई प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि वीवी पीजी कॉलेज शामली के प्राचार्य प्रोफेसर सुधीर कुमार ने किया। इसके बाद प्रतिभागियों ने अपने-अपने विचार पक्ष और विपक्ष में बड़े ही तर्क पूर्ण ढंग से साझा किए। एसडी कॉलेज ऑफ लॉ की छात्रा पलक शर्मा ने कहा कि इस नीति को बनाने वालों ने ग्रामीण परिवेश का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा, यह नीति केवल और केवल आर्थिक सम्पन्न वाले जनसंख्या के एक हिस्से के लिए कारगर होगी। गरीब परिवार का बच्चा इस नीति से लाभान्वित नहीं होगा और वह शिक्षित होने से वंचित रह जाएगा। चौधरी छोटू राम डिग्री कॉलेज के छात्र अनुज ने विषय के विपक्ष में बोलते हुए इस नीति को लागू करने से पहले पूरे सिस्टम को संभालने की आवश्यकता बताई और मल्टी डिसीप्लिनरी अप्रोच पर संदेह करते हुए बताया कि क्या होगा, जब एम्स में बिजनेसमैन, आईआईटी में एक्टर, फिट में इंजीनियर और आईआईएम में डॉक्टर पैदा किए जाएंगे।
इस दौरान भाषा, प्रस्तुतिकरण व कंटेंट के आधार पर विषय के पक्ष में चौधरी छोटू राम कॉलेज की छात्रा मुस्कान को विजेता और डीएन कॉलेज मेरठ के छात्र प्रदीप धनखड़ को उपविजेता चुना गया। विषय के विपक्ष में बोलते हुए डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर के छात्र राजेश्वर को विजेता और महाराजा अग्रसेन कॉलेज की छात्रा फरहत राजपूत को उपविजेता का पुरस्कार दिया गया। पक्ष और विपक्ष दोनों के कुल अंकों के आधार पर चौधरी छोटू राम कॉलेज की टीम विजेता और डीएवी डिग्री कॉलेज की टीम उप विजेता घोषित हुईं। प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार ने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के निर्माण पर ज़ोर दिया। साथ ही कहा कि आत्म निर्भर भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का युवा शिक्षित होने के साथ-साथ संस्कारवान बने। इस मौके पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के सचिव डॉ. एके सिंह, सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. सत्येंद्र कुमार, गजेंद्र पाल, धर्मवीर सिंह मलिक, महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर नरेश कुमार मलिक, डॉ. विजय कुमार ढाका, डॉ. संदीप कुमार,डॉ. प्रेम कुमार भारती आदि मौजूद रहे।