राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र व राज्य सरकारों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने किसानों के बीच ‘हाय-हाय मोदी, बाय-बाय मोदी’ का नारा देते हुए कहा कि मोदी के अच्छे दिन लद गए हैं और अब बुरे दिन आने वाले हैं। इसके बाद अच्छे दिन जनता के आएंगे। कहा, बहुत झूठे और बदमाश देखे हैं, लेकिन मोदी जैसा नहीं देखा। उन्होंने किसान, बेरोजगारी, महंगाई और गन्ना भुगतान के मुद्दों पर केंद्र और यूपी सरकार को जमकर घेरा।
सिंह ने गुरुवार को शामली-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर स्थित अलीपुर खेड़ी (लालू खेड़ी) किसान इंटर कालेज में जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। बोले, सीमा पर पहले से चार गुना सैनिक मारे जा रहे हैं और सीमावर्ती गांव खाली हो गए। सीबीआई का सत्यानाश हो गया। कश्मीर में ऐसे हालात पैदा हो गए हैं कि वहां खाली पड़ी सीट पर उप चुनाव नहीं करा सकते। सबसे बुरी हालात किसानों की है।
मुजफ्फरनगर वालों का मोदी को पीएम बनाने में बड़ा योगदान था। यहां दंगा नहीं होता, तो मोदी पीएम नहीं बनते। 13 फरवरी को उन्होंने मुजफ्फरनगर में कहा था कि भाजपा को दफनाने आए हैं और कैराना में दफना दिया। अब 2019 की बारी है। तीन तलाक पर कहा कि मोदी ने अपनी पत्नी को एक बार भी तलाक नहीं बोला। उसे यूं ही छोड़ रखा है।
भाईचारा पक्का करो
अजित सिंह ने कहा कि भाईचारा पक्का कर लो। भाजपा इसे तोड़ने की कोशिश करेगी। पुरबालियान और बुढ़ाना में दंगे की कोशिश की गई, लेकिन लोग अब समझ गए हैं। उन्होंने भीड़ से कहा कि गांवों में जाकर लोगों से बात करें कि भाजपा की जड़ खोदनी है। उन्होंने 10 जिलों में कार्यक्रम किए। लोग अब खुद मोदी का विरोध करने लगे हैं। बिजली और खाद महंगी हो गई।
फसल बीमा के नाम पर 16 हजार करोड़ काटकर प्राइवेट कंपनी को दे दिए। नोटबंदी से रोजगार खत्म कर दिए। महिलाओं तक का पैसा नहीं छोड़ा। इस रकम को नीरव मोदी लेकर भाग गया। अभी जो मोदी-मोदी जप रहे हैं, उन्हें समझाना है। जब किसान की जेब में पैसे नहीं होंगे तो व्यापारी से सामान कौन खरीदेगा? कार्यक्रम को राष्ट्रीय महासचिव पूर्व एमपी अमीर आलम खां, त्रिलोक नाथ त्यागी, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, जिलाध्यक्ष अजित राठी, नदीम चौधरी आदि ने संबोधित किया।
ये रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा, कृषपाल मलिक, बिजेंद्र मलिक, सुुधीर भारतीय, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा, संयोजक राजीव लाटियान, ब्रह्म सिंह बालियान, कुंवर अय्यूब अली, ब्रजवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र प्रधान, मांगेराम प्रधान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता चौधरी जयपाल सिंह ने तथा संचालन पूर्व विधायक मुश्ताक चौधरी ने किया।
खाद्यान्न आयात की मार
रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कहा कि देश में अच्छी पैदावार के बावजूद सरकार बाहर से खाद्यान्न आयात कर दाम कम करा देती है। इससे एमएसपी का लाभ नहीं मिलता। लाखों टन गेहूं आयात किया। अब अडानी ने 30 लाख टन दाल मंगा ली है। उन्होंने तंज कसा, किसान दाल नहीं बोते क्योंकि गांवों में योगी-मोदी घूम रहे हैं। कहीं-कहीं स्मृति ईरानी भी घूमती हैं। किसानों की रीढ़ गन्ना है लेकिन उसके दाम नहीं दिए जाते। उद्योगपतियों का 4.5 लाख करोड़ कर्ज माफ कर दिया, लेकिन देश के किसानों को दो लाख करोड़ माफ नहीं किया।
अमीर आलम का किया विरोध
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद अमीर आलम खां जैसे ही बोलने को खड़े हुए तभी एक वृद्ध ने खड़े होकर उनका विरोध किया। कहा कि वह पार्टी को धोखा दे चुके हैं।
छोटे चौधरी ने लिया खीर का आनंद
कार्यक्रम के बाद छोटे चौधरी ने भोजन के दौरान खीर का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि खीर स्वादिष्ट है। वह इसे पूरा खाएंगे। बाद में उन्होंने जनसंवाद के तहत पार्टी नेताओं से सलाह-मशविरा किया। रात्रि विश्राम मुजफ्फरनगर के डाक बंगले में करने के बाद शुक्रवार को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलेंगे।
लहजे में चेतावनी और मिशन 2019 की चिंता
मुजफ्फरनगर । 2013 के दंगे से खोई हुई सियासी जमीन वापस पाने को संघर्ष कर रहे छोटे चौधरी अजित सिंह का लहजा जहां लोगों के लिए चेतावनी भरा था, वहीं मिशन 2019 की चिंता भी उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। उन्होंने चेताया कि दंगे की राजनीति में न पड़ें। भाईचारा मजबूत कर भाजपा के खिलाफ एकजुट हो जाएं। वह आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार को लेकर मुतमईन हैं लेकिन 2013 जैसी अनहोनी की आशंका से परेशान भी।
करीब नौ साल बाद लालूखेड़ी में पहुंचे रालोद मुखिया ने मुजफ्फरनगर और शामली दोनों जिलों के लोगों को संदेश दिया। अलीपुर कलां, लालूखेड़ी, साल्हाखेड़ी, सोहननी, सोंटा, मोहम्मदपुर गांवों समेत जाट बाहुल्य आबादी वाले इस क्षेत्र को जन संवाद के लिए सोच-समझकर चुना गया। यहां से उन्होंने छिटके वोटबैंक को सूत्र में पिरोने की कोशिश की।
कार्यक्रम में जाट समाज के साथ मुस्लिमों की भागीदारी भी देखकर वह गदगद नजर आए। चेताया भी कि इस एकता को भंग न होने दें। युवाओं को समझाया कि 2014 के चुनाव की तरह भटकें नहीं। मोदी को चुनने के परिणाम गिनाते हुए उन्होंने किसान, युवा और मुस्लिम हर वर्ग को साधने की कोशिश की। कहा, युवा अब भावनाओं में नहीं बहेगा।
उन्होंने जाति-बिरादरी की जगह किसान के नाम पर एकजुटता होने का संदेश दिया। कैैराना का उदाहरण देेकर समझाया कि जिस तरह महा गठबंधन ने कैराना में भाजपा को हराया उसी तरह 2019 में हराया जाएगा। किसान और व्यापारियों का चोली-दामन का साथ बताते हुए उन्होंने समझाया भी कि जब किसान के पास पैसा नहीं होगा तो व्यापार भी नहीं चलेगा।
इसलिए मोदी भक्त न बनकर अपना व समाज का हित देखें। भाषण के बीच बातचीत का लहजा अपनाते हुए चौधरी अजित सिंह ने लोगों के दिलों तक एकता का संदेश पहुंचाने की पुरजोर कोशिश की। साथ ही पक्का इरादा भी जताया कि यदि लोग जात-बिरादरी और धर्म के नाम पर न बंटे तो 2019 में भाजपा की कब्र खुदनी तय है।