दुकानदार का ऑनलाइन भुगतान करता ग्राहक।
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बुढ़ाना हजार व पांच सौ का नोट चलन से बाहर होने के बाद से कस्बे तथा आसपास के देहातों का व्यापार व बाजार बुरी तरह प्रभावित है। कस्बा व देहात क्षेत्रों में बैंकों में कैश की कमी के कारण मांग के अनुसार पूर्ति नहीं हो रही है। बाजार में नए व छोटे नोट न आने के कारण दुखी व्यापारियों ने अब आनलाइन व्यापार की तैयारी आरंभ कर दी है। छोटे दुकानदार भी पेटीएम व चेक आदि के माध्यम से अपना धंधा जोड़ने की योजना बना रहे हैं। दुकानदारों के इस कदम से ग्राहकों को भी राहत मिलेगी।
बाजार में पुराने नोटों का चलन बंद होने के कारण कस्बा व देहात क्षेत्र के व्यवसाय पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। कस्बे का बाजार बुरी तरह प्रभावित है। बाजार सूने पडे़ हैं। कस्बा व देहात के बैंकों में कैश कम आने के कारण ग्राहकों को उनकी मांग के अनुसार कैश नहीं मिल पा रहा है। लोग आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी तरस रहे हैं। सर्दी आरंभ होने के बाद भी कस्बे के सभी व्यापारी गर्म कपडे़ आदि नहीं बेच पा रहे हैं। हर व्यवसाय से जुड़ा दुकानदार खाली बैठा है।
मंदी की मार झेल रहे व्यापारियों ने अब आनलाइन व्यापार करने का मन बना लिया है। पेटीएम, ऑनलाइन, चेक जैसी अन्य सुविधाएं देकर व्यापारी अपने व्यापार को जोड़ने की तैयारी मे जुट गए हैं। व्यापारी अंशुल गोयल, अनुज, मोंटू, नरेन्द्र सैनी, मेडिकल एसोसिएशन बुढ़ाना के अध्यक्ष सतेन्द्र सैनी, डाक्टर बासिद सैफी, पैथोलॉजी लैब के डाक्टर पवन जैन आदि का कहना है कि बड़े शहरों की तरह उन्हें भी कैशलेस व्यापार पर आना होगा। इक्कीसवी सदी की इस दौड़ में व्यापारी शामिल नही हुआ तो वह पीछे रह जाएंगे। कस्बे में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर पेटीएम से कैश स्वीकार किए जाने के बोर्ड भी लटका दिए हैं। दुकानदार ग्राहकों को भी इस सुविधा से जुड़ने के बारे में बता रहे हैं।