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यूपी: खुले में अंडर गारमेंट सुखाना पड़ा महंगा, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

Sun, 22 Sep 2019 11:43 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मास्टर विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में 24 सालों से कलक्ट्रेट में धरना देकर भ्रष्टाचार और भूमाफिया के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे मास्टर विजय सिंह पर धरनास्थल के बाहर वस्त्र सुखाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं मुकदमा लिखाए जाने पर भाकियू ने  रोष जताया है। हाल ही में डीएम मुजफ्फरनगर सेल्जा कुमारी ने उन्हें धरने से उठवा दिया था।
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भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रशासन से पूछा है कि शहर में हजारों दुकानों के बाहर अंडर गारमेंट्स टंगे हैं क्या प्रशासन सब पर मुकदमा दर्ज कराएगा। प्रशासन गुंडागर्दी के बल पर विजय सिंह के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रहा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

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भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अभी वह तीन दिन के लिए बाहर की यात्रा पर हैं। उन्हें विजय सिंह पर मुकदमे की जानकारी मिली है। बड़ी ही हास्यास्पद घटना है कि जिला प्रशासन कपड़ा सुखाने का मुकदमा ऐसे आंदोलनकारी पर दर्ज कर रहा है, जो न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि भाकियू देश के प्रत्येक आंदोलनकारी के साथ है। जिले में तीन मंत्री हैं उन्हें आगे आकर प्रशासन पर अंकुश लगाना चाहिए। प्रशासन की इस कार्रवाई से जनता में गुस्सा है। भाकियू जल्द ही इस बार बड़ा निर्णय लेगी। बताते चलें कि नाजिर सदर की ओर से सिविल लाइन थाने पर मास्टर विजय सिंह के खिलाफ धारा 509 के तहत एनसीआर दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया कि कलक्ट्रेट में विजय सिंह ने अपने अंडर गारमेंट सुखाए थे।

धरनास्थल पर आंदोलनकारी के नहीं मेरे वस्त्र थे: कृष्णपाल
वहीं  विजय सिंह के खिलाफ एनसीआर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद इस प्रकरण में एक नया मोड़ आया है। निरमाना गांव के कृष्णपाल ने पुलिस को शपथपत्र देकर कहा है कि ये अंडर गारमेंट मेरे थे।

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सिविल लाइन पुलिस को दिए शपथपत्र में कृष्णपाल ने कहा कि विजय सिंह के साथ वह भी बीते 25 दिनों से उनके साथ धरने पर बैठ रहे थे। मेरे हाथ पर प्लास्टर चढ़ा है, पत्नी मर चुकी हैं, ऐसे में भोजन भी मास्टर अपने हाथों से बनाकर खिला रहे हैं। भूलवश मेरे अंडरवियर ही बाहर रह गए थे। इन कपड़ों से विजय सिंह का कोई मतलब नहीं है। अनजाने में हुई अपनी गलती को मैं स्वीकार करता हूं। मेरी गलती को क्षमा किया जाए और वाद समाप्त किया जाए।  

उधर, शिवसेना के बाद राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन भी मास्टर विजय सिंह के साथ खड़ा हो गया है। संगठन का कहना है कि अहिंसक रूप से धरना दे रहे विजय सिंह के साथ अशोभनीय व्यवहार निंदा के योग्य है। संगठन पूरी तरह आंदोलनकारी के साथ है। 
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