जानसठ। गुरुनानक देव का 550वां प्रकाशोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कीर्तन मंडल द्वारा गुरु के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने व देश से भेदभाव और अज्ञानता दूर करने का आह्वान किया। रागी जत्थे द्वारा गुरु की महिमा बताकर संगत को निहाल किया गया।
बृहस्पतिवार को गुरुद्वारा गुरुनानक सत्संग सभा द्वारा गुरुनानक देव महाराज का 550वां प्रकाश उत्सव डीएवी इंटर कालेज के मैदान में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान महाराज जी की पालकी व कीर्तन दरबार सजाया गया। कार्यक्रम में तीन रागी जत्थों ने भाग लिया। जिसमें शिमला से आए गुरप्रीत सिंह ने युवाओं से गुरुवाणी से जुड़ने व नशे से दूर रहने का आहवान किया। अमृतसर से आए जगदीश सिंह राजेवाल द्वारा कीर्तन से संगत को निहाल किया गया। मुजफ्फरनगर के कथावाचक ज्ञानी हरजीत सिंह ने गुरुनानक देव के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि जो गुरु के बताए रास्ते पर चलेगा, उसे जीवन में कभी कोई कष्ट नहीं होगा। उन्होनें गरीबों की सेवा व भेदभाव तथा अज्ञानता दूर कर देश के विकास में सहयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की समाप्ति पर मुख्य अतिथि अमरजीत सिंह सिडाना, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रवेंद्र भड़ाना, पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर तथा कथावाचक रागी जत्थे को स्मृति चिह्न देकर सरदार बलजेंदर सिंह ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। कार्यक्रम में सरदार दिलप्रीत सिंह छाबड़ा, अजीत सिंह, मनदीप छाबड़ा, गौरव बाटला, गुरदीप सिंह, रविंद्र सिंह, ब्रिजेश रस्तोगी, परमजीत सिंह बिटटा, इंदर सिंह, महेंद्र सिंह, आशु छाबड़ा, जरनैल सिंह, गौरव भारद्वाज, करतार सिंह, सरदार लवप्रीत सिंह, सरदार बलजिंदर सिंह, सत्यदेव बालियान, हरेंद्र सिंह, सतपाल, प्रदीप काम्बोज, विकास गुप्ता, अंकित संगल, हवेला सिंह आदि मौजूद है।