खानपान में बदलाव कर नियंत्रित करें मधुमेह
मुजफ्फरनगर। विश्व मधुमेह दिवस पर सनातन धर्म महाविद्यालय में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पूरे विश्व में मधुमेह मुख्य स्वास्थ्य चुनौतियों के रूप में उभर रहा है। बड़ी तादाद में लोग डायबिटीज के साथ जीवन जी रहे हैं। गोष्ठी में बताया गया कि डायबिटीज के मुख्य रूप से दो प्रकार टाइप-1 और टाइप-2 हैं। इसके लिए पर्यावरण से जुड़े, जीवन शैली या खानपान के कारक जिम्मेदार हो सकते हैं।
इस गोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्य डा. एससी वार्ष्णेय ने किया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा. शेखर नायक, डा. संजय अरोरा, डा. अरविन पंवार, जैबा, काजल, मेहरूबी, नीलम, हनी, चुन्नू, कामिनी, तानिया, तनु, शिवानी, आयुषी, प्राची नायक आदि ने विचार रखे। उधर, वैदिक पुत्री पाठशाला इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स ने विश्व मधुमेह दिवस मनाया। लैब टेक्नीशियन बबीता राणा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। मेहर शशि मेहता, कुंदन कुमार, संजय चौहान के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्या शैली रंजन, प्रीति मलिक, निधि गर्ग, प्रेरणा रानी, ऋतु गोयल, ऋतु जैन आदि मौजूद रहीं।