अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। दिव्यांगता को मात देकर जिले की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर सुर्खियां बटोरी और देश के लिए मेडल जीते। एथलीट प्रीति पाल और तीरंदाज ज्योति बालियान ने दमखम दिखाया है।
पैरा एथलीट प्रीति पाल ने पेरिस पैरालंपिक की महिला वर्ग की 200 मीटर टी35 स्पर्धा के फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 30.01 सेकेंड में दौड़ पूरी कर कांस्य पदक जीता था।
महिलाओं की 100 मीटर टी35 वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया था। टी35 में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिनमें हाइपरटोनिया, अटैक्सिया और एथेटोसिस जैसी समन्वय संबंधी विकार होते हैं। 100 मीटर स्पर्धा में 14.21 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय से कांस्य हासिल किया था।
गांव गोयला की पैरा तीरंदाज खिलाड़ी ज्योति बालियान ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। ज्योति 2020 में पैरालंपिक में देश की ओर से खेल चुकी हैं। 2021 में उन्हें रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10 व राष्ट्रीय स्तर पर 25 पदक जीत चुकी हैं। वर्तमान में वह महाराष्ट्र के औरंगाबाद में साई सेंटर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं।प