भोपा। जट मुझेड़ा-बसेड़ा मार्ग पर पिछले बारह वर्षो से भी अधिक समय से बसों का संचालन बंद है। यात्रियों, ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में गांव नन्हेडा़ में ग्रामीण की बैठक हुई। जिसमें संबंधित अधिकारियों से रोडवेज या प्राइवेट बस के संचालन की मांग की।
भोपा व नई मंडी थाना क्षेत्र के जट मुझेड़ा-बसेड़ा मार्ग पर पिछले लगभग 12 वर्षों से भी अधिक समय से बसों का संचालन बंद है। यह मार्ग जट मुझेड़ा से शुरू होकर बसेड़ा ,बरला, छपार आदि गांवों तक पहुंचता है।
ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो क्षेत्र के गांव बरुकी, रसूलपुर, नन्हेडा़, नन्हेड़ी, बसेड़ी, बसेड़ा सहित पुरकाजी और छपार क्षेत्र के अनेकों गांवों तक इस मार्ग पर बस नही चलती। बसों का संचालन न होने से जहां ग्रामीण यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता हैं, वहीं छात्र-छात्राओं को भी एक बड़ी समस्या से जूझना पड़ता है। विश्वेंद्र चौधरी, सुशील कुमार,संत कुमार, गौरव, रजत, सुबोध कुमार, अरविंद चौधरी, अनिरुद्ध गौतम, आनंद वीर, राधेश्याम त्यागी आदि सहित दर्जनों ग्रामीणों ने गांव नन्हेड़ा में एक बैठक कर संबंधित अधिकारियों से रोडवेज या प्राइवेट बसों के संचालन की मांग की है।
भाकियू अराजनैतिक के नेता अंकित जावला का कहना है कि यहां काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनके पास अपने वाहन नहीं है। उन्हें डग्गामार वाहनों के माध्यम से अधिक पैसा खर्च कर अपने गंतव्य को जाना होता है। गादला के पूर्व प्रधान सतीश त्यागी का कहना है कि कुछ ऐसे भी छात्र छात्राएं हैं जो गांव से बाहर शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते हैं। बसों का संचालन नहीं होने से कभी-कभी उन्हें स्कूल जाने से वंचित रहना पड़ता है। संबंधित अधिकारियों का हर हाल में समस्या का समाधान करना चाहिए।
गांव नन्हेडा में बसो के संचालन को लेकर बैठक करते ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
गांव नन्हेडा में बसो के संचालन को लेकर बैठक करते ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण