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ऑक्सीजन की कालाबाजारी पकड़ी, फैक्टरी सील

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मुजफ्फरनगर: वहलना क्षेत्र में बाबा गैसिस में ऑक्सीजन सिलिंडर की अवैध रिफिलिंग की जांच करते औषधि - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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ऑक्सीजन की कालाबाजारी पकड़ी, फैक्टरी सील
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मुजफ्फरनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने वहलना स्थित एक फैक्टरी में छापामार कर ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी पकड़ी। फैक्टरी में ऑक्सीजन की रिफिलिंग कर 350 रुपये तक बेचा जा रहा था। ड्रग्स विभाग की टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया है।
लखनऊ से मिले निर्देश पर बुधवार शाम को जिला औषधि निरीक्षक लवकुश ने मेरठ के ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्या, सहारनपुर से ड्रग्स इंस्पेक्टर संदीप चौधरी की टीम के साथ पुलिस बल के वहलना क्षेत्र में बाबा गैसिस फैक्टरी में छापा मारा। जांच में पाया गया कि फैक्टरी को ऑक्सीजन सिलिंडर की ट्रेडिंग का लाइसेंस मिला था, मगर यहां ऑक्सीजन की रिफिलिंग कर सिलिंडर निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेचे जा रहे थे। ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि बाबा गैसिस फैक्टरी नई मंडी के पटेलनगर निवासी अंशुल कुच्छल एवं अंकुश कुच्छल की है। इस संबंध में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। फैक्टरी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए भी संस्तुति की जाएगी।
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कोरोना काल में 350 में बेचा जा रहा था ऑक्सीजन का सिलिंडर
मुजफ्फरनगर। कोरोना काल में जिले में ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर कुछ लोग मुनाफा कमानेे में जुटे हुए हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी से मरीजों के तीमारदारों को आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंच रहा था।
कोरोना काल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने पर ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ रही है। नतीजतन ऑक्सीजन का सिलिंडर बाजार में 400 रुपये तक बेचा जा रहा है, जबकि उसकी कीमत 250 रुपये तक है। ऑक्सीजन की कालाबाजारी की लगातार शिकायत मिल रही थी। यह भी शिकायत मिल रही थी कि ट्रेडिंग वाले ही ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे हैं। यह शिकायत शासन तक भी पहुंच गई। लखनऊ से मिले निर्देश पर बुधवार शाम को जिला औषधि निरीक्षक के साथ पुलिस बल को लेकर वहलना क्षेत्र में बाबा गैसिस फैक्टरी में छापा मारा। जांच में पाया गया कि इस फैक्टरी को प्रतिदिन 2000 ऑक्सीजन सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही थी। यहां से ऑक्सीजन बेगराजपुर के कोविड अस्पताल और शामली के कोविड अस्पताल के अलावा अन्य अस्पतालों को भी भेजे जाते हैं। फैक्टरी मालिक कोविड काल का फायदा उठा कर ऑक्सीजन की रिफिलिंग कर कालाबाजारी कर 350 रुपये तक सिलिंडर बेच रहे थे, जबकि ऑक्सीजन का मूल्य 170 रुपये से लेकर 250 रुपये तक है। जांच के उपरांत ऑक्सीजन की कालाबाजारी पकड़े जाने पर टीम ने फैक्टरी को सील कर दिया। ड्रग्स इंस्पेक्टर लवकुश ने बताया कि बाबा गैसिस फैक्टरी नई मंडी के पटेलनगर निवासी अंशुल कुच्छल एवं अंकुश कुच्छल की है। इस संबंध में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी तथा फैक्टरी का लाईसेंस निरस्त करने के लिए भी संस्तुति की जाएगी।
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- बाबा गैसिस वहलना ने ऑक्सीजन सिलिंडर के क्रय-विक्रय का लाइसेंस लिया था, मगर गैरकानूनी तरीके से फैक्टरी में सिलिंडरों की रिफलिंग की जा रही थी। ऑक्सीजन सिलिंडर को निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेचने की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। फैक्टरी को सील कर दिया गया है। अनियमितताओं की जांच की जा रही है।
- लवकुश, जिला औषधि निरीक्षक, मुजफ्फरनगर
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