देवबंद (सहारनपुर)। ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बन चुकी भाजपा नेताओं की हत्या की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है। पुलिस के फेल होने के बाद केस को एसटीएफ को सौंपा गया। जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज से हत्यारोपियों के चेहरे तो सामने लाने का काम किया, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो सकी। जिससे एसटीएफ टीम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को पुलिस की कई टीमें नगर में अलग अलग स्थानों पर सीसीटीवी की फुटेज खंगालती रही।
8 अक्तूबर को भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष चौ. यशपाल सिंह और 12 अक्तूबर को पालिका सभासद व भाजपा नगर इकाई के उपाध्यक्ष चौधरी धारा सिंह की बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली बरसाकर हत्या कर दी थी, लेकिन आज तक दोनों हत्याओं के पीछे का कारण और उनको मारने वालों के बारे में पुुलिस के हाथ कोई पुख्ता सबूत नहीं लगा है। पांच दिनों तक एसएसपी दिनेश कुमार और एसपी देहात डा. विद्यासागर मिश्र देवबंद में कैंप किए रहे। उनके नेतृत्व में स्पेशल टीम समेत 12 टीमें दिन रात इसकी जांच कर रही थीं, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा। जिसके चलते बुधवार को यह केस एसटीएफ के हवाले कर दिया। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने महज कुछ घंटे में ही एक दुकान की सीसीटीवी फुटेज तलाश कर ली। जिसमें चौ. धारा सिंह का पीछा करने वाले बदमाशों के हुलिया से मिलने वाले दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने उनकी फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर भी डाल दिया, लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हुई है। इसके अलावा पुलिस की कई टीमें संदिग्ध लोगों की फोटो लेकर बाजारों और चौक चौराहों के साथ ही देहात क्षेत्र में जाकर लोगों से उनकी पहचान कराने के प्रयास में जुटी हुई है। शुक्रवार को पुुलिस अलग अलग इलाकों में पहुंची और एक बार फिर से उन्होंने बारीकी से सीसीटीवी कैमरे खंगाले।