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बिजली की कमी से बंद नहीं होगें जैमर      

Sun, 30 Apr 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बिजली के कट से बंद होने वाले जैमर अब चौबीस घंटे चलते नजर आएंगे। शासन के आदेश पर हैदराबाद की कंपनी ने कारागार को पावर बैकअप से लैस करने की तैयारी शुुरू कर दी है। कंपनी के तकनीशियनों ने 15 किलोवाट सौलर सिस्टम लगाने का काम जेल में शुरू कर दिया है। सिस्टम से जेल के जैमर की लाइट को जोड़ा जाएगा। 24 घंटे कारागार के भीतर जैमर चालते नजर आएंगे। अफसरों की माने तो आने वाले दिनों में पूरी जेल को सौर ऊर्जा से लैस कर दिया जाएगा।       
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सूबे की जेलों में बंद शातिरों द्वारा भीतर से ही फोन पर गैंग संचालित कर घटनाएं कराने की बातें सामने आती रही है। इस पर लगाम कसने के लिए प्रदेश में सबसे पहले जनपद की जेल में सवा तीन करोड़ की लागत से छह जैमर लगाए गए। गत वर्ष अप्रैल में जैमर चालू हो गए थे। जैमर तो लग गए, लेकिन बिजली का कट चालू फोन पर लगाम नहीं लगा पाया। पावर बंद होते ही जैमर काम करना बंद करने पर अपराधी फोन चालू करने लगे। मामले को लेकर आला अफसरों ने शासन का खत लिखकर जेनरेटर की मांग की। बिजली समस्या को दूर करने के लिए शासन ने नया जेनरेटर कारागार पर भिजवाया था। 

जेनरेटर की पावर कम पड़ने से जैमर चलने में फिर से दिक्कतें आने लगी। जेल अधीक्षक ने शासन को खत लिखकर समस्या से अवगत कराया। लखनऊ में अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया और कारागार के भीतर सोलर सिस्टम लगाने का निर्णय लिया। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि 33 लाख की कीमत के 15 किलो वाट के सोलर सिस्टम को लगाने का काम कारागार में शुरू हो गया है।
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हैदराबाद की कंपनी के आधा दर्जन इंजीनियर रविवार दोपहर सोलर ऊर्जा पैनल का सामान लेकर कारगार पहुंचे। कंपनी के इंजीनियरों ने जेल में पैनल लगाने के लिए जगह का चयन करना शुुरू कर दिया है। सोलर सिस्टम से जैमर की लाइन को जोड़ा जाएगा। इसके लगने से 24 घंटे लाइट रहने से कारागार के भीतर जैमर बंद नहीं होंगे। अफसरों के अनुसार जैमरों को सौर ऊर्जा पैनल से जोड़ने के बाद पूरी जेल में हर वक्त लाइट रखने के लिए अलग से सौर ऊर्जा का पैनल लगवाया जाएगा।
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