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मुकदमे दर्ज होने पर बिफरी आशाएं

Sat, 16 Jan 2016 11:51 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। छपरा गैंगरेप प्रकरण में पुलिस द्वारा जाम लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात का पता चलने पर जिले की आशाएं आक्रोशित हो गईं। आशाओं ने सीएमओ का घेराव कर मुकदमे वापस होने तक सरकारी काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। सीएमओ ने मामले में उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
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छपार पुलिस ने छपरा की आशा के गैंगरेप प्रकरण में जाम लगाने वाले लोगों और कुछ आशाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिससे आशाओं का गुस्सा भड़क गया और शनिवार सुबह राज्य कर्मचारी संघ के बैनर तले मीटिंग कर जिला चिकित्सालय पहुंची। आशाओं ने सीएमओ का घेराव कर कहा कि यदि कायम मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आशाएं सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगी।

घेराव के दौरान आशाओं ने अपनी सुरक्षा और वेतनमान बढ़ाए जाने की भी मांग रखी। सीएमओ डॉक्टर प्रभात कुमार ने आशाओं को सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया है। घेराव की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, सीओ सिटी डॉक्टर तेजबीर सिंह, शहर कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने जाकर आशाओं को समझाया और कहा कि किसी के भी खिलाफ गलत कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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जाम लगाने पर हुए मुकदमों का विरोध
छपार। आशा कर्मी गैंगरेप प्रकरण में पुलिस ने जाम लगाने वालों पर मुकदमे दर्ज कर मामले को और हवा दे दी है। शनिवार को दिल्ली से आई एनजीओ की सदस्यों ने छपार थानाध्यक्ष से मिलकर प्रकरण की जानकारी ली। जाम लगाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने का विरोध किया। केस खत्म कराने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की बात कही।
छपार क्षेत्र में आशाकर्मी से गैंगरेप के बाद मौत के प्रकरण ने सबको झकझोर दिया। आक्रोशित लोगों ने तीन दिन पहले छपार में हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था।

शुक्रवार को छपार थाने में जाम लगाने वाले सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद शनिवार को दिल्ली से एनजीओ महिला संगठन की सदस्याएं छपार थाने पहुंची। केस के बारे में छपार थानाध्यक्ष से जानकारी ली। इस दौरान आशा कर्मी के साथ जुल्म पर गुस्से का इजहार किया। संस्था की सदस्या डॉ. यशोधरा दास गुप्ता. गंगोत्री एडवोकेट. जया विलनकर. प्रतीक्षा ने कहा कि महिलाएं महफूज नहीं हैं, जबकि विभिन्न कार्यों के लिए घर से बाहर जाना ही पड़ता है।

सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। जाम के दौरान आशाओं और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना अन्यायपूर्ण है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वह एसएसपी से मिलकर मुकदमे निरस्त करने की मांग उठाएंगी।  इसके बाद सदस्याएं मृतका आशा कार्यकत्री के घर पहुंची और परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान अस्तित्व सामाजिक संस्था  मुजफ्फरनगर की सदस्याएं भी साथ रहीं।
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