मुक्ति की कुंजी है भागवत : स्वामी ओमानंद
मुजफ्फरनगर, मोरना। शुकतीर्थ स्थित भागवत पीठ श्रीशुकदेव आश्रम के डोगरे भवन में सिंघल परिवार द्वारा कराई जा रही श्रीमद्भागवत कथा को शनिवार को विश्राम दिया गया। पीठाधीस्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने व्यासपीठ पर विराजमान कथा व्यास डॉ. श्यामसुंदर पाराशर का पटका व माला पहनाकर सम्मानित किया।
भागवत पीठ स्थित डोगरे भवन में श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर अपने संबोधन में पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि तीर्थ पर किए गए धर्म-कर्म, दान, सेवा और सत्कर्म से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। डॉ. श्याम सुंदर पाराशर जैसे ज्ञान से विभूषित कथाकारों ने भारत की चिंतन परंपराओं को सजीव कर लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा पूरा सनातन जगत ऐसे कथाकारों का ऋणी है। कथाकारों के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक ज्ञान से संपूर्ण मानव जाति के जीवन यापन और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा सत्संग मुक्ति की कुंजी है। सिंघल परिवार द्वारा भागवत पीठ में नए भवन के निर्माण भी शुरू कराया गया। जिसका शिलान्यास स्वामी ओमानंद महाराज, कथा व्यास डॉ. पाराशर, नवल महाराज और मुख्य यज्ञमान सुखचंद्र सिंघल ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर संतोष सिंघल, प्रदीप, अनिल, दीपक, बासु, तुषार, मंजू, अंजू, सेजल, सीमा, रिंकू गर्ग, देवेंद्र, संजय, मुकेश, लवकुश, प्रदीप मौजूद रहे।