संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत आवेदकों पर बैंकों की मार पड़ रही है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने की रफ्तार बैंकों में धीमी बनी हुई है। इस वर्ष युवाओं की ओर से किए गए 1997 आवेदनों में से बैंकों ने 1175 खारिज कर दिए हैं। वहीं 518 मामलों में ही ऋण स्वीकृति की गई। 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार खड़ा करने के लिए योजना के तहत पांच लाख रुपये तक लोन उपलब्ध कराया जाता है।
शासन की ओर से जनपद को इस वर्ष 2500 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया था। जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से स्वीकृति के बाद 1997 युवाओं के आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों में भेजे गए थे। जिनमें जांच के बाद 1175 निरस्त कर दिए गए।
सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार ने बताया कि 30 अगस्त के अंत तक 1250 लोन स्वीकृति का लक्ष्य था, लेकिन 518 को ही लोन मिल पाया। उन्होंने बताया कि विभाग पर 1982 युवाओं को रोजगार के लिए लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य अभी बाकी है।