फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में गरीबों के लिए वरदान बनी आयुष्मान योजना

विज्ञापन
जिला चिकित्सालय में स्थित आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड का केद्र। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
जिले में गरीबों के लिए वरदान बनी आयुष्मान योजना
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। जिले में आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड बनने की गति धीमी होने के बावजूद गरीबों के लिए यह योजना वारदान साबित हो रही है। जिले में 946 गोल्डन कार्डधारकों ने योजना का लाभ लिया है। इनमें से कई मरीजों ने अपने हार्ट और कई ने आंखों का ऑपरेशन कराया है।
शहर की केशवपुरी निवासी रुक्मिणी मित्तल (65) पत्नी सुभाष चंद्र मित्तल ने बताया कि उन्हें आंखों का ऑपरेशन कराना था। उनके पास आयुष्मान योजना का कार्ड था। इसलिए उसका लाभ लिया। दो माह पूर्व नगर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन तो नि:शुल्क हुआ। हालांकि दवा का भुगतान उन्हें करना पड़ा साथ ही चश्मा भी नहीं दिया गया। दक्षिणी सिविल लाइंस निवासी राजरानी (60) ने भी अपनी आंखों का ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत कराया है। ऑपरेशन निशुल्क हुआ, लेकिन इन्हें भी दवा और चश्मे के लिए भुगतान करना पड़ा। दोनों का कहना है कि यदि वे योजना में शामिल न होती तो ऑपरेशन के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते। खतौली निवासी खालिद के हार्ट का ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत बने गोल्डन कार्ड से नि:शुल्क हुआ है। आर्थिक रूप से परेशान खालिद के लिए दिल का बीमारी का उपचार करा पाना मुश्किल था। हालांकि गोल्डन कार्ड से निजी अस्पताल में उन्हें नि:शुल्क उपचार मिला। रतनपुरी के रामेंद्र एक माह पूर्व दुर्घटना में घायल हो गए थे। उनके पैर का एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। इस पर करीब 75 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान था, लेकिन आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क हुआ। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि इतना खर्च उठा सके। उपचार के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ता।
विज्ञापन

ओपीडी नहीं, भर्ती होने पर ही मिलेगा लाभ
मुजफ्फरनगर। आयुष्मान योजना का लाभ ओपीडी पर नहीं, बल्कि भर्ती होने पर ही मिलता है। आयुष्मान भारत के जिला कोआर्डिनेटर आकाश त्यागी का कहना है कि यदि योजना में शामिल अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जाता है तो ही वह नि:शुल्क उपचार का हकदार होगा। ओपीडी पर उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
दो दिन से सर्वर ठप, कैसे बने गोल्डन कार्ड
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना सुस्ती का शिकार है। एक साल बाद भी सभी लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी नहीं हो सके। स्थिति यह है कि बहुत से लाभार्थी कई दिनों से अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए। अब दो दिन से सर्वर ठप होने के कारण कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान ) के तहत जनपद में 69292 लाभार्थी चुने गए हैं। इन सभी को गोल्डन कार्ड जारी किए जाने थे, लेकिन सरकारी सुस्ती के चलते यह काम पूरा नहीं हो सका। अभी तक मात्र 50552 गोल्डन कार्ड ही बन पाए। दरअसल, लाभार्थी कार्ड बनवाने के लिए केंद्रों पर आते हैं, लेकिन कभी सर्वर ठप रहता है तो कभी कर्मचारी नहीं मिलते। पूरे जिले में सात केंद्र बनाए गए हैं, जहां सूची में शामिल लोग अपने गोल्ड कार्ड निशुल्क बनवा सकते हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में बने केंद्र पर लाभार्थियों की भीड़ लगी थी, लेकिन सर्वर ठप होने के कारण कार्ड नहीं बनाए गए। मोहल्ला जनकपुरी के अमर सिंह ने बताया कि वह 15 दिन में तीन बार केंद्र पर आ चुके हैं। उन्हें एक नंबर जारी किया गया था। उसी से कार्ड बनाया जाना था। आज वह आए तो सर्वर ठप बताकर बाद में आने के लिए कह दिया गया। गांव छपरा के राकेश की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। उन्होंने बताया कि जब से उन्हें लाभार्थी सूची में नाम शामिल होने की जानकारी मिली है, तब से वह कई बार केंद्र पर आ चुके हैं। पहले उन्हें बताया गया था कि घर पर एक पत्र आएगा। उस पत्र में दिए गए नंबर से ही कार्ड बनाया जाएगा। आज वह नंबर लेकर आए तो सर्वर ठप बताया जा रहा है। साकेत के परम सिंह और पुरकाजी से नसीमा भी निराश होकर लौट गए।
विज्ञापन

- कभी-कभी सर्वर बंद हो जाता है। नतीजतन कार्ड बनाने में परेशानी होती है। थोड़े समय बाद कार्ड बनाने का काम शुरू हो जाता है। जनपद में बने सभी केंद्रों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
- आकाश त्यागी, जिला कोआर्डिनेटर, आयुष्मान भारत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें