मोरना में जहरीले कीट के काटने से घायल हुआ नील माहा पागल हो गया। उसने खेत में काम कर रहे किसानों पर हमला कर दिया। जिसमें छह लोग घायल हो गए। एक व्यक्ति को मुजफ्फरनगर रेफर किया गया है। किसानों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम चार घंटे बाद मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही माहे की मौत हो चुकी थी।
हस्तिनापुर वन्य क्षेत्र के शुक्रताल रेंज और थाना भोपा के गांव शुक्रतारी के जंगल में किसान खेतों में पशुओं के लिए चारा काट रहे थे। कामरान पुत्र फिरोज ने बताया कि उसने बराबर के खेत में जानवर की रंभाने की आवाज सुनी। वह अपने चाचा जिल्लू रहमान के साथ आ रही आवाज की दिशा में गया, तो एक नील माहा आम के पेड़ के नीचे खड़ा था।
पलक झपकते ही माहे ने कामरान पर हमला कर दिया। उसने किसी तरह अपनी जान बचाई। इसी बीच बदर पुत्र शकील को भी माहे ने घायल कर दिया। फकत, हैदर, हुमांयु आदि को भी माहे ने घायल कर दिया। चेयरमैन कैप्टन ज्ञानेंद्र सहरावत ने पुलिस को सूचना दी।
उधर, पुलिस की सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। किसी प्रकार किसानों ने एकत्र होकर नील माहे को काबू किया। चार घंटे बाद वन विभाग की टीम पहुंची, लेकिन तब तक माहे ने दम तोड़ दिया। वन अधिकारी खुर्शीद अहमद ने बताया कि यह वन रोज प्रजाति का नर था। जिसको किसी जहरीले जानवर ने काट कर घायल कर दिया था।
जहर फैलने के कारण वह पागल हो गया। इसी कारण से उसकी मौत हो गई। वन विभाग की टीम में शबी हैदर, प्रमोद कुमार, चंद्रपाल, रणबीर, अनिल आदि ने मृत जानवर को जमीन में दबवा दिया। इस मौके पर विपुल, खालिद, अपिन, अक्षय, धर्मपाल, रोहित, कसीम, मनोज, अंकुश, हैदर अली, हुमांयू, दानिश, आमिर आदि मौजूद रहे।