मुजफ्फरनगर, मोरना। भागवत प्रवक्ता आचार्य जगदीश शास्त्री ने कहा कि भगवान हमेशा मानव की गलतियों को माफ करते हैं। वर्तमान में व्यवस्था बढ़ रही है, आस्था नहीं।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित पांडव कालीन माता पार्वती मंदिर में स्वामी उमेशांनद तीर्थ महाराज की अध्यक्षता एवं ज्योतिषविद डा. अयोध्या प्रसाद मिश्र महाराज के सानिध्य में मां बगला मुखी पीतांबरा जयंती महोत्सव में कथा का आयोजन किया गया। शास्त्री ने कहा कि भगवान कण कण में विराजमान है और भक्ति के बल के पर उनके दर्शन किए जा सकते है।
उन्होंने कहा कि अधर्म भगवान की पीठ से और धर्म भगवान के हृदय से उत्पन्न होता है। अधर्म की पत्नी झूठ और दंभ पुत्र तथा माया पुत्री का नाम है। यह तीनों तत्व मानव में न हो, तभी वहां भगवान वास करते हैं। वर्तमान में व्यवस्था बढ़ रही है आस्था नहीं। इसलिए हमें अपनी आस्था को बढ़ाना है। मनुष्य को भगवान के भजनों का गुणगान करना चाहिए। कथा में मुख्य यजमान मेरठ के विकास गर्ग, संध्या गर्ग, मोदीनगर के रामबीर, रुकमणी रही। कार्यक्रम में पंडित दुर्गाप्रसाद, मिश्र, जय प्रकाश तिवारी, पंडित संजीव शास्त्री, कमलेश देवी, कुसुम , विमला आदि मौजूद रहे।