हौसले के साथ गांव में फर्ज निभा रहीं आशा कार्यकर्ता
मुजफ्फरनगर, चरथावल। संकट की घड़ी में आशा कार्यकर्ता हौसले के साथ अपने फर्ज को निभा रहीं हैं। दूधली में पंचायत चुनाव के बाद कुछ ग्रामीण संक्रमित हो गए थे। इस दौरान महिला कर्मियों ने संक्रमित घरों के आसपास लोगों को जागरूक किया और बचाव के टिप्स दिए। बेखौफ होकर उन्होंने गांव में वैक्सीन कार्यक्रम में भागेदारी की।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक बन रही है। दूधली में पंचायत चुनाव के बाद कई युवा संक्रमित हो गए। हालांकि एक पखवाड़े में अधिकांश ने यह लड़ाई जीत ली है।
- दूधली में तैनात आशा कार्यकर्ता कमलेश, आशा और कृष्णा कठिन दौर में अपनी ड्यूटी का बखूबी अंजाम दे रही हैं। कमलेश बताती हैं संकट के समय उनकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। संक्रमितों के आसपास ग्रामीणों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया और परिवार लक्षणों के बारे में खाका तैयार किया गया। पांच दिन गांव में वैक्सीनेशन अभियान के लिए कैंप में ड्यूटी की। प्रसव पीड़िता महिलाओं को कई बार सीएचसी भिजवाया।
- स्वास्थ्य कर्मी आशा ने बताया ड्यूटी करने में वह पूरी मुस्तैदी से डटी हैं। कहती हैं परिवार से बड़ी राष्ट्र सेवा है। वैक्सीनेशन कार्यक्रम और परिवारों के सर्वे आदि कामों में दायित्व को निभा रही हैं।
- इसी गांव की आशा कार्यकर्ता कृष्णा ने बताया वह भी कोरोना महामारी में गांव में लोगों को घर रहने की अपील के साथ शारीरिक दूरी बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। भले ही संकट बड़ा है, लेकिन हम सबकी सजगता और सतर्कता से कोरोना हारेगा।