3-शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम संस्कृत विद्यालय में पूजा अर्चना करते स्वामी ओमानंद जी महाराज।
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वसंत ऋतु का आगमन खुशहाली के लिए : स्वामी ओमानंद
मोरना। शुकदेव आश्रम स्थित संस्कृत विद्यालय में वसंत पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि वसंत ऋतु का आगमन किसान की खुशहाली लेकर आता है। इस दिन मां सरस्वती तपस्या से खुश होकर विद्या की देवी बुद्धि का वरदान देती है। संसार में ज्ञान की चेतना का संचार करती है, मां सरस्वती की आराधना से मनुष्य की बुद्धि और वाणी को प्रबुद्ध पवित्र करती है।
उन्होंने कहा कि पूजा से अज्ञान एवं अविवेक का नष्ट हो जाता है। आत्मा में चेतना और ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है। मनुष्य नहीं देव, गंर्धव, सुर-असुर, किन्नर, ऋषि महर्षि आदि स्तुति व आराधना कर मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। प्रकृति अपने अनूठे सौंदर्य का दर्शन कराकर चारों और खुशहाली प्रदान करती है। इससे पूर्व, आचार्य ज्ञानदास व आचार्य उत्प्रेती के साथ विद्यार्थियों व ब्रह्मचारियों ने मा सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की। इस मौके पर श्रद्धालुओं के बीच फल, अन्न, मिठाई आदि का प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान आचार्य सुमन शास्त्री, कृष्ण शास्त्री, युवराज, दीपक ठाकुर, राजू शर्मा, राजेंद्र, सुरेश शर्मा आदि ने कार्यक्रम आयोजन करने में मुख्य भूमिका निभाई।