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291 करोड़ की जिला योजना को दी मंजूरी

Thu, 29 Mar 2018 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना की मौजूदगी में जिला योजना के लिए वर्ष 2018-19 के लिए 291 करोड़ छह लाख के बजट को स्वीकृति मिल गई है। वर्ष 2017-18 में 279.52 करोड़ के परिव्यय के सापेक्ष 95 करोड़ की धनराशि ही जिला योजना के तहत मिली थी।
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 जिला योजना की बैठक में विभागों के लिए जो पैसा मंजूर किया गया, उसमें गन्ना विभाग के लिए 16.27 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। उन्तशील बीज से लेकर पैड़ी प्रबंधक कार्यक्रम तक को इसमें शामिल किया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा रोग निदान सेवाओं के सुधार एवं विस्तार के लिए 3.32 करोड़ के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए ।

दुग्ध विकास विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन वृद्धि के लिए और आटोमेटिक मिल्क कनेक्शन यूनिट के कुल 2.61 करोड़ रुपये के प्रस्ताव अनुमोदित हुए। वन विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में सामाजिकी वानिकी तथा सामाजिक वानिकी कार्यक्रमों के लिए 1.12 करोड रुपये की धनराशि के प्रस्ताव पास हुए। ग्राम विकास(मनरेगा), इंदिरा आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 70.40 करोड़ के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए। पंचायती राज में सीसी रोड, बहुउद्देश्यीय भवनों का निर्माण के लिए 39.91 करोड़, निजी लघु सिंचाई योजना में गहरे नलकूप, बोरिंग पंप आदि के लिए 3.65 करोड़, नेडा की योजनाओं के लिए 1.07 करोड़  के प्रस्ताव अनुमोदित किए गए।  
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 प्रभारी मंत्री ने बताया कि सड़क एवं पुल के निर्माण के तहत ग्रामीण मार्गों का पुनर्निर्माण तथा नवीन ग्रामीण सडकों के निर्माण को 61.43 करोड़ के प्रस्ताव शामिल किए गए। इसी प्रकार चिकित्सा विभाग के एलोपैथिक, होम्योपैथिक तथा आयुर्वेद के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण, समुदाय स्वास्थ्य भवनों का निर्माण, वर्तमान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नवीनीकरण, विस्तारण एवं बिजली, पानी की व्यवस्था के अन्तर्गत तथा प्लास्टिक सर्जरी, बर्न यूनिट, रेडियोलाजिक यूनिट, इसेटिव केयर यूनिट के लिए 38.10 करोड रुपये के प्रस्ताव जिला योजना में शामिल किए गए। पेयजल ग्रामीण के 16.16 करोड़ तथा पेयजल शहरी योजना के तहत1.10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव जिला योजना में अनुमोदित किए गए।

 प्रभारी मंत्री ने डीएम को निर्देश दिए कि गन्ना विभाग द्वारा बनवाई गई 38 सडकों की गुणवत्ता की जांच करा ली जाए। उन्होंने गत वर्ष के हैंडपंप लगाये जाने के संबंध में जानकारी प्रभारी अधिशासी अभियंता से मांगी। उन्होंने प्रदूषण अधिकारी से गत वर्ष एक लाख रुपये से हुए प्रचार प्रसार का ब्योरा उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देश दिए। पंचमुखी शिव मंदिर जानसठ को लेकर अलग से बैठक बुलाए।

प्रभारी मंत्री ने विधायकों से कहा कि वह अपने क्षेत्र में हैंडपंप लगवाए और पानी की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए। हिंडन और काली नदी के गांवों में पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है और वहां से हैंड पंप उखड़वा लिए गए हैं। वहां पर सोलर नलकूप लगवाई जाए। सांसद संजीव बालियान, विधायक कपिल देव अग्रवाल, उमेश मलिक, विक्रम सैनी, प्रमोद ऊटवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, डीएम राजीव शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष रूपेन्द्र सैनी, जिला योजना के समस्त सदस्य मौजूद रहे।
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