अनुज हत्याकांड : चेकिंग तक सिमटा तलाशी अभियान
मोरना (मुजफ्फरनगर)। कस्बा निवासी दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की हत्या करने वाले बदमाशों को पुलिस चिह्नित करने के दावे कर जल्द उन्हें अंजाम तक पहुंचाने की बात कर रही है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। वारदात के चार दिन बाद तक भी पुलिस हत्यारोपियों को पकड़ना तो दूर, अब तक उनकी भनक तक नहीं लगा सकी है। यही नहीं, हत्या क्यों और किस वजह से की गई, इसका क्लू तक भी पुलिस अब तक नहीं लगा पाई है।
रविवार से पुलिस ने हत्यारोपियों की धरपकड़ के लिए कस्बे व आसपास क्षेत्र में कांबिंग अभियान शुरू किया था, जो सोमवार को भी जारी रहा, लेकिन कामयाबी तक नहीं पहुंच सका। कस्बे में भी पुलिस फोर्स लगाकर लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन नतीजा अब तक सिफर ही रहा है। हत्यारोपियों की सुरागरशीं में विफल रहने के बाद माना जा रहा है कि संभवत: हत्यारोपी गंगा खादर क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं या फिर खादर क्षेत्र के रास्ते पैदल ही उत्तराखंड या बिजनौर जनपद तक जा सकते हैं। दरअसल, गंगा खादर क्षेत्र बीहड़ जैैसा है, जहां बोई गई ईख की फसल बदमाशों के लिए मुफीद है। वहीं, खादर क्षेत्र के रास्ते पैदल चलकर भी महज एक घंटे के भीतर उत्तराखंड व बिजनौर जनपद में प्रवेश किया जा सकता है।
चौकी प्रभारी पर गिरी हत्याकांड की गाज, निलंबित
मुजफ्फरनगर। मोरना में दवा विक्रेता अनुज कर्णवाल की दुस्साहसिक हत्या की गाज आखिरकार वारदात के चौथे दिन मोरना चौकी प्रभारी पर गिरी है। एसएसपी अभिषेक यादव ने सोमवार शाम चौकी प्रभारी एसआई जगपाल सिंह के साथ ही बीट आरक्षी कांस्टेबल सचिन कुमार को भी अपराध नियंत्रण न कर पाने और हत्याकांड में ठोस कार्रवाई न कर पाने के चलते निलंबित कर दिया है। एसआई जगपाल सिंह के स्थान पर सिविल लाइंस थाने में तैनात दरोगा ओमकार सिंह को मोरना चौकी की कमान सौंपी है।