मुजफ्फरनगर। लोकसभा चुनाव से एन पहले कैबिनेट मंत्री बनाए गए अनिल कुमार के लिए भी चुनाव इम्तिहान साबित हुए। अनुसूचित जाति के मतदाताओं का रुझान बसपा की तरफ रहा। चरथावल, खतौली और सरधना विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी को 30-30 हजार से ज्यादा वोट मिले, जिनमें अधिकतर दलितों के ही रहे।
रालोद के एनडीए में शामिल हो जाने के बाद प्रदेश सरकार में साझीदार के तौर पर एक मंत्रालय भी मिला था। रालोद के रणनीतिकारों ने अनुसूचित जाति के मतों में सेंधमारी के लिए पुरकाजी सुरक्षित सीट से विधायक अनिल कुमार पर दांव चला था। उन्हें कैबिनट मंत्री की कुर्सी मिली। लेकिन वह अनुसूचित जाति के वोटर हाथी की सवारी करते ही नजर आए।
अपनी विधानसभा में वह बिजनौर लोकसभा के प्रत्याशी चंदन चौहान को वोट दिलाने में कामयाब रहे लेकिन मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं के बीच बसपा का जादू चला।
चरथावल विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति को 30 हजार 308 वोट मिले। खतौली विधानसभा सीट पर यह आंकड़ा 37 हजार 401 पर पहुंचा। सरधना सीट पर बसपा प्रत्याशी को 37756 वोट मिले। इस तरह मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी को एक लाख 43 हजार 323 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी के वोटों का आंकड़ा बढ़ने से भाजपा के लिए मुकिश्लें खड़ी हो गई। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार की ननिहाल के गांव कसियारा में भी दारा सिंह प्रजापति को 536 और भाजपा को सिर्फ 161 वोट मिले।
रसूलपुर में भाजपा को सिर्फ 50 वोट
चरथावल विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति के रसूलपुर गांव में भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी। बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति को 600, बालियान को 50 और सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक को 170 वोट ही हासिल हुए।
शहर में यहां बढ़ गए दारा सिंह
सदर सीट पर बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति ने एसडी इंजीनियरिंग कॉलेज के कक्ष नंबर दो में 438 वोट हासिल किए, जबकि बालियान को सिर्फ 127 वोट मिले। कक्ष नंबर तीन में दारा सिंह को 283 वोट और भाजपा को 289 वोट मिले।
बीबीपुर में बसपा ने सबको पछाड़ा
सदर विधानसभा के बीबीपुर गांव में बसपा को 447 वोट मिले, जबकि भाजपा को सिर्फ 72 वोट ही हासिल हुए। सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक को यहां 17 वोट मिले।