देश में सरिये के बड़े ब्रांड से जुड़ी जिले की अंबा स्टील्स और सर्वोत्तम रोलिंग मिल्स पर डीजीजीएसटीआई (डायरेक्टरेट जनरल आफ गुड्स एंड सेल्स टैक्स इंटेलीजेंस) की टीम ने छापे की बड़ी कार्रवाई की है। मेरठ और नोएडा से आए 50 ऑफिसरों की टीम ने सरिये के निर्माण और बिक्री में 15 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी पकड़ी है। मौके पर ही उद्यमियों से पांच करोड़ का टैक्स जमा कराया गया। छापे से लोहा इस्पात से जुड़ी इंडस्ट्री में हड़कंप मचा है।
उत्तर भारत में आयरन इंडस्ट्री में मुजफ्फरनगर की धाक है। यहां की औद्योगिक इकाईयों में निर्मित सरिये, गार्डर, एंगल के बड़े ब्रांड देश में बिकते हैं। डीजीजीआई मेरठ जोन के एडीजे मनीष गोयल के निर्देशन में नोएडा और मेरठ के 50 अफसरों की टीम ने जिले की दो बड़ी आयरन इंडस्ट्री अंबा स्टील्स लिमिटेड तथा सर्वोत्तम रोलिंग मिल्स प्राईवेट लिमिटेड पर छापे की बड़ी कार्रवाई की।
टीएमटी बार सरिया और पारस देश में बिकने वाले बड़े ब्रांड ये कंपनी बनाती है। सरिया निर्माण में प्रयोग हो रहे कच्चे माल और बिक्री में कर चोरी का बड़े मामले का खुलासा हुआ है। जांच में फर्जी आईटीसी क्रेडिट अधिक मात्रा में तैयार माल और इनपुट गुड्र्स में हेराफेरी मिली है। सर्च अभियान में बड़ी कर चोरी पकड़े जाने के बाद डीजीजीएसटीआई के अफसरों ने दोनों इंडस्ट्री के निदेशक पंकज गोयल और संजय जैन से मौके पर ही पांच करोड़ रुपये का कर जमा कराया।
बृहस्पतिवार की देर रात शुरू हुई कार्रवाई शुक्रवार शाम तक चलती रही। टीम ने इंडस्ट्री के अलावा शहर में दफ्तरों पर गहनता से कागजों और कंप्यूटरों को सर्च किया। बिना बिल के केश में माल बेचने का भी बड़ा मामला सामने आया। कुछ पैन ड्राइव ऐसी हाथ लगी है, जिनमें कर चोरी का बड़ा खुलासा हो सकता है।
फैक्ट्री के समस्त उत्पादन, बिक्री के रिकार्ड को कब्जे में ले लिया गया है। कर चोरी का मामला 15 करोड़ से ज्यादा भी हो सकता है। छापा टीम ने पारसनाथ इंडस्ट्री पर भी सर्च अभियान चलाया, लेकिन वहां अफसरों को कोई अहम अनियमितता नहीं मिली। डीजीजीआई की कार्रवाई से जिले की लोहा इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है।
अवैध व्यापार पर विधायक ने सीएम को लिखा था पत्र
मुजफ्फरनगर। भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ को कई माह पहले पत्र लिख कर जिले में लोहे के उत्पादन और बिक्री से जुड़े अवैध व्यापार का मामले की शिकायत की थी। शहर एमएलए का पत्र सार्वजनिक हो जाने पर उद्यमियों ने उन्हें निशाने पर ले लिया था। हालांकि बाद में उद्यमियों और विधायक में इस मुद्दे पर सुलहनामा हो गया था।
ट्रेडिंग कंपनी के रिकार्ड ने किया भंडाफोड़
मुजफ्फरनगर। डीजीजीएसटीआई की कार्रवाई की रणनीति 15 दिन पहले ही बन गई थी। एक्साइज इंटेलीजेंस की टीम ने दो सप्ताह पहले शहर में गुपचुप तरीके से छापे की कार्रवाई कर इंडस्ट्री के ऑफिसों से दस्तावेज जब्त कर लिए थे। लोहे के निर्माण और बिक्री से जुड़े घपले के खुलासे के लिए मेरठ में विभाग ने एक अलग सर्च रुम बना दिया।
तमाम दस्तावेजों को खंगालने के बाद अंबा और सर्वोत्तम इंडस्ट्री पर छापा डाला गया। सूत्रों के मुताबिक गोपनीय शिकायत पर ट्रेडिंग कंपनी चलाने वाले विकल्प जैन, अभिषेक और फारुख के दफ्तरों पर यह छापेमारी हुई थी। यहां से जो रिकार्ड मिला उसे ने 15 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी का भंडाफोड़ कर दिया।