शाहपुर में मेले में आयोजित कवि सम्मेलन व मुशायरे में काव्य पाठ करते कवि
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शाहपुर। कस्बे में आयोजित सिद्ध पीठ मां श्री गोकुला देवी मेले में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा आयोजित किया गया। कवियों और शायरों ने देर रात तक शमा बांधे रखा। शुभारंभ प्रमुख समाज सेवी डॉ प्रदीप सिंह चौहान ने किया। दीप प्रज्ज्वलन सकल जैन समाज के संरक्षक बालेश जैन व शमा रोशन तोहिद त्यागी ने की।
सुधीर शर्मा ने मां सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरूआत की। निजामत करते हुए गुलजार जिगर देवबंदी ने ‘कभी हल्की हवा मजबूत डाली तोड़ देती है। कमर जैसे जमाने की गरीबी तोड़ देती है। वह बूढ़ा बाप जो बेटे को बैसाखी समझता था, बहू इस दौर की आकर वो लाठी तोड़ देती है।’ सुनाकर दाद बटोरी। नफीस देवबंदी ने कहा ‘मोहब्बत के चिरागों को जला देना जरूरी है । जमाने में अंधेरे को मिटा देना जरूरी है।’ सायरा रीता अदा ने कहा ‘ तेरे खुलूस की पहचान याद रखती हूँ। तुझे गजल में मेरी जान याद रखती हूं। खुदा का शुक्र मेरा हाफजा सलामत है। मैं दुश्मनों के भी एहसान याद रखती हूँ।’
पानीपत से पधारी कवियत्री सोनम ने कहा कि ‘अक्स -या रब तू मेरी जात को ऐसा कमाल दे। जिसकी जमाना हश्र के दिन तक मिशाल दे। छूनी है आसमां की बुलंदी मुझे खुदा, मेरे परों में जुरूरते उड़ान डाल दे।’ दिल्ली से पधारे कवि संजय जैन के अलावा वसीम झिंझानवी , साहिल जमाली , बालेश जैन , सागर सैनी व ब्रिजेश गर्ग ने अपनी कविता व शायरी के माध्यम श्रोताओं को बांधे रखा। अध्यक्षता चेयरमैन प्रमेश सैनी ने की। घनश्याम दास बंसल, उमेश गोयल, मनोज सिंघल, नवीन राणा, विजय गोयल, कपिल सैनी आदि का योगदान रहा ।