इस रंजिश में आरोपी था गुल सन्नवर
भोपा क्षेत्र के सीकरी गांव में गुल सन्नवर की पत्नी हसरूबा और पूर्व प्रधान अम्मार की पत्नी शगुफ्ता ने वार्ड 43 से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ा था। मतदान के दिन दोनों पक्षों के लोगों के बीच तनाव बन गया।
इसके बाद पूर्व प्रधान अम्मार पक्ष के खालिद उर्फ भूरा पर जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद तस्लीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तस्लीम की हत्या की पैरवी पूर्व प्रधान अम्मार कर रहे थे। यही नहीं वह सीकरी से शहर में आकर रहने लगे थे।
वारदात के समय आरोपी जमशेद मिर्जापुर, गुल सन्नवर फिरोजाबाद और नौशाद मुजफ्फरनगर जेल में बंद थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि अन्य मामलों में जेल मेंं बंद आरोपियों की लगातार हमलावरों से बात हुई है।
पुलिस ने इसी आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया। लेकिन साक्ष्यों के अभाव में सगे भाई गुल सन्नवर और नौशाद को दोषमुक्त करार दिया गया था। अलीगढ़ से पुलिसकर्मी गुन सन्नवर को पेशी पर लेकर आ रहे थे, इस दौरान हादसा हो गया।