कड़ी चौकसी के साथ ही दोनों वर्गों के लोगों से वार्ता भी
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली में हुए बवाल के बाद जिले में अलर्ट लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। जनपद में बवाल की किसी भी तरह की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है। शासन की ओर से लखनऊ से जनपद में भेजी गईं आईजी लॉ एंड ऑर्डर लक्ष्मी सिंह चौहान ने बुधवार सुबह जिले में पहुंचकर सबसे पहले अफसरों के साथ पुलिस लाइन स्थित सभागार में मीटिंग कर कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
इस दौरान आईजी लक्ष्मी सिंह ने अफसरों के साथ ही सभी थाना प्रभारियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी चौकसी रखने के भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ाने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आईजी लक्ष्मी सिंह ने पुलिस लाइन में दोनों वर्ग के लोगों से वार्ता करते हुए शांति व्यवस्था कायम रखने में सहयोग की अपील की। वहीं, शहर क्षेत्र के साथ ही जिले भर के थानेदारों को भी दोनों वर्गों के लोगों से संपर्क बढ़ाकर उनमें पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और उनसे वार्ता कर शांति व्यवस्था कायम रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एसएसपी अभिषेक यादव, एसपी सिटी सतपाल आंतिल व अन्य अफसर मौजूद रहे।
बवाल रोकने के लिए पुलिस ने कसी कमर
मुजफ्फरनगर। सीएए को लेकर दिल्ली में हुई जबरदस्त हिंसा को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पुलिस गत 20 दिसंबर को हुए बवाल की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी तरह कमर कसे हुए है। इसके लिए हरसंभव तैयारी पुलिस द्वारा की गई है।
- शहर व जिले को जोन, सब जोन व सेक्टर में बांटा गया।
- जिले के बार्डर पर दिन-रात सघन चेकिंग अभियान।
- शहर व जिले में सभी थानेदार लगातार क्षेत्र में सक्रिय।
- सभी संवेदनशील व अति संवेदनशील क्षेेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा।
- मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में दोनों वर्गों के लोगों से समन्वय।
- सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने के लिए टीम गठित।
- 20 दिसंबर को हुए बवाल में नामजद व जेल जाने के बाद जमानत पर छूटने वाले आरोपियों की लगातार निगरानी।
- बवाल के आरोपियों की क्षेत्र में मौजूदगी पर निगाह।
- सर्विलांस के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबर भी रडार पर।
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बवाल हुआ तो नहीं होगी खैर
मुजफ्फरनगर। सीएए को लेकर तमाम चौकसी के बावजूद बवाल हुआ तो उपद्रवियों के साथ ही उन्हें उकसाने के आरोपियों की इस बार नहीं होगी खैर। पूर्व में नामजद या चिह्नित आरोपी यदि किसी भी ऐसी कोशिश में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई।
- जिले में पांच कंपनी पीएसी मौजूद।
- करीब तीन हजार अतिरिक्त जवानों की उपलब्धता।
- नए हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर भी उपलब्ध।
- उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए नए उपकरण भी मिले।
- पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए दी जा रही ट्रेनिंग।
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इन्होंने कहा ..........
एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हरसंभव तरीके से पूर्व में हुए बवाल में नामजद व चिह्नित लोगों पर नजर रखी जा रही है। परंपरागत तरीकों से हटकर पुलिसकर्मियों को नए तरीके से भी उपद्रवियों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है।