मुजफ्फरनगर। दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक जहां 210 पर था, बुधवार शाम तक 273 पर पहुंच गया। चिकित्सकों के अनुसार हवा की गुणवत्ता खराब होने से सांस के रोगियों को दिक्कत हो सकती है। मौसम में परिवर्तन और एकाएक वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी से जिला अस्पताल में सांस और अस्थमा रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
ठंड का मौसम धीरे-धीरे दस्तक दे रहा है। सुबह और शाम के समय स्मॉग बनना शुरू हो गया है। दिवाली के बाद से वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी अचानक बढ़ोतरी होना शुरू हो गई। वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण सांस और अस्थमा रोगियों की दिक्कत भी बढ़ना शुरू हो गई।
वायु प्रदूषण से सांस और अस्थमा रोगी ऐसे बचें
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ.योगेन्द्र त्रिखा का कहना है कि वायु प्रदूषण से बचाव के लिए कुछ खास सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। इस वातावरण में खिड़कियां और दरवाजे बंद कर घर के भीतर की हवा को स्वस्थ रखें। यदि एसी चला रहे हैं तो उसे रीसर्कुलेट सेटिंग पर चलाएं। जिससे कमरे में बाहरी हवा का प्रवेश बंद हो जाता है। कमरे में एअर प्यूरीफायर का प्रयोग कर भी वायु प्रदूषण से बचा जा सकता है। आवश्यकता पर घर से बाहर जाते समय मास्क लगाएं।
वायु प्रदूषण कम करने को उद्यमी करा रहे छिड़काव
बढ़ते वायु प्रदूषण में कमी लाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अनुरोध पर औद्योगिक क्षेत्र में पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि उद्यमियों की ओर से उनके संसाधनों के माध्यम से पानी का छिड़काव कराकर वायु प्रदूषण में कमी लाई जा रही है।
सांस के रोगी बढ़ रही ठंड में ऐसे करें बचाव
- घर से निकलते समय मॉस्क का प्रयोग करें
- सुबह-शाम घर से निकलने से परहेज करें
- ठंड के समय गरम पानी का सेवन करें
- सुबह के समय धूप में जरूर बैठें