मुजफ्फरनगर। बिहार निवासी दो लाख का इनामी बदमाश निलेश ज्यादा शिक्षित नहीं था। उसने हाईस्कूल तक ही शिक्षा प्राप्त की थी, लेकिन बिहार में जघन्य अपराध करने से उसका नाम बिहार के बड़े अपराधियों में शुमार होने लगा था। वह वर्तमान में जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहा था।
बिहार के जनपद बेगूसराय के थाना गढ़हरा के गांव बारो रामपुर टोला निवासी दो लाख का इनामी बदमाश निलेश हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त करने के बाद दादागिरी करने लगा था। वह मारपीट में आगे रहता था। बाद में उसने चोरी जैसे अपराध करने शुरू कर दिए थे। ट्रेन में वह भी चोरी का अपराध करता था। उसने वर्ष 2004 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ बेगूसराय, बरौली, झारखंड, फुलवरिया, तेघडा थानों में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी मांगने के 17 मुकदमे दर्ज हैं।
इनामी निलेश के भाई कुणाल ने बताया कि उसके भाई की एक पत्नी नूतन अपने एक बेटे व दो बेटियों के साथ गांव बारो रामपुर टोला में माता पिता के साथ रहती है। दस साल पहले उसके भाई ने परिजनों को बिना बताए बिहार निवासी मीनू से शादी कर लोनी शाहदरा में रहना शुरू कर दिया था। वह वर्ष 2023 जून में जेल से आठ साल बाद जमानत पर बाहर आया था। तभी से वह लोनी में रहता था।
शातिर बदमाश के भाई का कहना है कि इसी वर्ष गांव में घर के पास ही पांच गढ्ढा जमीन को लेकर पड़ोसी से विवाद हो गया था। तब पड़ोसी ने बदमाश बुलाए थे और वहां गोली चल गई थी। उसका भाई भाग गया था। झगड़े में शामिल न होने के बाद भी पुलिस ने उसे भी पकड़ कर शस्त्र अधिनियम में चालान कर दिया था। इस मामले में उसका भाई फरार चल रहा था। जमानत के लिए कोर्ट में कागजात जमा किए हुए थे। छह जून की सुबह उन्हें मुठभेड़ में उसके भाई के मारे जाने की सूचना थाना गढ़हरा पुलिस ने दी थी।
पिता ने लड़ा था विधायक का चुनाव-
कुणाल ने बताया कि गांव के लोगों के कहने पर कई साल पहले उनके पिता गोपाल राय उर्फ गोपाल सिंह ने निर्दलीय विधायक का चुनाव लड़ा था। उसके पिता हार गए थे।