फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी आंकड़े दिखाने में लगा प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी आंकड़े दिखाने में लगा प्रशासन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। जनपद और शहर में प्रतिदिन कोरोना से लोगों की मौत हो रही है। इनमें ऐसे लोग भी है जिनकी कोरोना की जांच रिपोर्ट आ चुकी है और ऐसे भी है जिनकी जांच रिपोर्ट मरने के बाद आ रही है। सरकारी रिकॉर्ड में मृतक के आंकड़े ही नहीं हैं। रेपिड एंटीजन जांच हो नहीं रही। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आठ दिन बाद आ रही है। प्राइवेट लैब पर जांच बंद करा दी गई है।
जनपद में आठ दिन बाद आरटीपीसीआर की रिपोर्ट मिल रही है। इस बीच मरीज की बीमारी पीक पर पहुंच जाती है, वह या तो मर रहा है या ऑक्सीजन पर है। न तो रैपिड एंटीजन टेस्ट हो रहा है और न ही प्राइवेट लैब पर जांच हो पा रही है। लक्षण के बाद भी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने तक वह अपने परिवार के साथ रह रहा है। इस बीच परिवार भी चपेट में आ रहा है।
विज्ञापन

शहर के खालापार निवासी जियाउर्रहमान ने बताया कि दो दिन पहले उसकी बहन को बुखार आया। अगले दिन आरटीपीसीआर कराई। शाम को हालत बिगड़ी तो अस्पताल ले गए, बिना कोरोना की जांच के किसी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया। अंत में बहन की मौत हो गई। आरटीपीसीआर की रिपोर्ट कब आएगी यह पता नहीं। नई मंडी के रविंद्र ने बताया कि बीते सोमवार को उसने आरटीपीसीआर जांच कराई थी, अब तक रिपोर्ट नहीं आई है, छह दिन हो गए हैं। हालत बहुत बिगड़ गई है। शांतिनगर के रोहित पांच दिन से बीमार है,ं ऑक्सीजन लेवल काफी घट गया है, चार दिन आरटीपीसीआर जांच को हो गए हैं, रिपोर्ट नहीं आई है।
जिला प्रशासन अधिक जांच कराकर जांच रिपोर्ट जल्दी मंगाने की बजाय आंकड़ों के फेरबदल में जगा है। मौत चाहे जितनी हों कोरोना के रिकॉर्ड में नहीं आनी चाहिए। आरोप है कि प्राइवेट लैब के संचालकों को कहा गया है कि चार दिन से पहले रिपोर्ट न दें। एंटीजन पूरी तरह बंद कर दी गई है। बीते चार दिन से प्रशासन ने आरटीपीसीआर जांच भी काफी कम कर दी हैं। मंडलायुक्त एवी राजमौलि का कहना है कि यह प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द रिपोर्ट आए। अधिक लोड होने की वजह से देरी हो रही है।
3800 लोगों की जांच आनी बाकी
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि जिले के 3800 लोगों की आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आना बाकी है। मेरठ में एक दिन में 900 लोगों की ही जांच हो पा रही है। जिले की कुछ जांच लखनऊ भी कराई गई हैं। अधिक जांच के कारण देरी हो रही है।
विज्ञापन

जनता की मौत का जिम्मेदार प्रशासन: राजू
मुजफ्फरनगर। भाकियू के मंडल महासचिव राजू अहलावत का कहना है कि जनता मर रही है। श्मशान घाटों और कब्रिस्तान में लाइनें लगी हैं, प्रशासन लोगों की जान बचाने के बजाए मौत के आंकडे़ छिपाने में लगा है। न जांच है, न बेड है, न ऑक्सीजन है। दवाओं पर लूट है। ग्रामीण अंचल में स्थिति अधिक भयावह है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें