प्रशासन द्वारा भावना व कमला फार्म के बाहर लगाया गया सरकारी सम्पत्ति की चेतावनी का बोर्ड।
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प्रशासन ने भावना और कमला फॉर्म हाउस के बाहर लगाया बोर्ड
मुजफ्फरनगर। पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री और मुजफ्फरनगर के जमींदार रहे लियाकत अली खां के परिवार के नाम दर्ज निष्क्रांत जमीन को एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज कर दिया गया था। जमीन पर प्रशासन ने अपनी संपत्ति होने का बोर्ड लगा दिया है।
भोपा रोड की शहर के अंदर की ग्राम यूसुफपुर महाल रुस्तम अली खां की सैकड़ों बीघा जमीन को लेकर उपजिलाधिकारी दीपक कुमार की कोर्ट ने जमीन को राज्य सरकार में दर्ज करने का निर्णय दिया था। रुस्तम अली खां का बेटा लियाकत अली खां अपने तीनों भाइयों के साथ 1947 में पाकिस्तान चला गया था। वहां वह पाकिस्तान का पहला प्रधानमंत्री भी बना। जो लोग पाकिस्तान चले गए थे, उन सबकी जमीन निष्क्रांत संपत्ति घोषित हो गई थी। बावजूद इसके महाल रुस्तम अली खां के खेवट नंबर 4/1 में लाला रघुराज स्वरूप के नाम से प्रविष्टि हो गई थी। प्रविष्टि शिकमी काश्तकार के रूप में दर्ज थी। कुछ भूमि पर 1360 फसली से पूर्व ही लाला रघुराज स्वरूप ने अवैध तरीके से संक्रमणीय अधिकार अर्जित कर लिए थे। उप जिलाधिकारी ने अपने न्यायालय में सुनवाई के दौरान पाया कि रिकार्ड में कूट रचना कर, छल से जमीनों पर कब्जा किया गया है। भू-अभिलेखों में प्रत्येक स्तर पर आरंभ से अंत तक मैनुपुलेशन कराकर भूमि को हड़पा गया और अनुचित लाभ अर्जित किए गए। एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद तहसील के रिकार्ड में जमीनों को अभिलेखों में राज्य सरकार के नाम दर्ज कर दिया गया है। प्रशासन ने अब इन जमीनों पर कब्जे की कार्रवाई करते हुए लिंक रोड के कमला फार्म और भावना फार्म के बाहर चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। बोर्ड पर साफ लिखा है कि यह जमीन राज्य सरकार की है। एसडीएम दीपक कुमार ने बताया कि तहसील ने कब्जे की कार्रवाई कर दी है।