छुट्टियों के दिन हाजिरी लगाने में फंसा पेंच
मुजफ्फरनगर। किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) की बैठक की संख्या में हुए खेल के मामले में डीएम ने सीडीओ को जांच सौंप दी है। किशोर न्याय बोर्ड की छुट्टी के दिन हाजिरी लगाने को लेकर पेंच फंस गया है। वर्ष 2017 से अब तक का सारा रिकार्ड तलब हो रहा है।
सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी में जिला प्रोबेशन अधिकारी के अंतर्गत आने वाले किशोर न्याय बोर्ड में एक सप्ताह में तीन दिन सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को ही बैठक होती है। बाकी दिन यहां जेएम कंपाउंड स्थित किशोर न्याय बोर्ड का कार्यालय बंद रहता है। जेजे एक्ट के नियम छह के अंतर्गत बैठक में छह घंटे मौजूद रहना जरूरी है। छह घंटे मौजूद रहने पर एक बैठक के मानदेय के रूप में पंद्रह सौ रुपया दिया जाता है। बैठक के अलावा मानदेय देने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद इसके बीते चार सालों से किशोर न्याय बोर्ड में सदस्य बीना शर्मा और नीरज शर्मा को अधिकतम माह में 20-20 दिन के हिसाब से ही भुगतान किया गया है, जिन दिनों किशोर न्याय बोर्ड की छुट्टी रहती है, उन दिनों में लगी हाजिरी से पेंच फंस गया है। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने इस मामले की जांच सीडीओ आलोक यादव को सौंप दी है। सीडीओ ने 2017 से अब तक का रिकार्ड तलब किया है। उधर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने दिसंबर 2020 का मानदेय रोक दिया है। केवल ड्यूटी के दिन का ही मानदेय देने की बात कही है।