एडीजीसी फौजदारी प्रदीप बालियान ने बताया कि पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। प्रोटेस्ट के लिए अदालत ने आलिया को समन जारी किए थे। शनिवार सुबह आलिया अपने अधिवक्ता के साथ स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में हाजिर हुई। पीठासीन अधिकारी रितीश सचदेवा के समक्ष समय दिए जाने की मांग रखी। अदालत ने सुनवाई के लिए सात नवंबर की तिथि तय कर दी है।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
वादिया ने 27 जुलाई 2020 को मुंबई के वर्सोवा थाने में पति नवाजुद्दीन, देवर मिनाजुद्दीन, फैजूद्दीन, अयाजुद्दीन, सास मेहरुनिशा समेत पांच लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पीडि़ता का कहना था कि उसके देवर मिनाजुद्दीन ने उसकी बेटी के साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और पति ने उसे पुलिस से शिकायत नहीं करने दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी की गिरफ्तारी के विरुद्ध स्टे कर दिया था।
दूसरी बार अदालत आई थी आलिया
प्रकरण में 16 अक्तूबर 2020 को मुकदमे के तत्कालीन विवेचक वीर नारायण सिंह के साथ आलिया सिद्दीकी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। तब आलिया ने अदालत में आरोपों का समर्थन किया था।
नवाजुद्दीन को दी गई थी क्लीन चिट
पुलिस ने इस मामले में अभिनेता नवाजुद्दीन समेत अन्य आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। जिसके बाद क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई। अदालत ने वादी को सुनवाई का मौका देते हुए प्रोटेस्ट दाखिल करने के लिए समन जारी किए थे। जिसके बाद शनिवार को आलिया अदालत पहुंची थी।