मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर वीडियो क्लिप प्रकरण में अंतिम निर्णय आचार्य निर्मल सागर लेंगे। चंडीगढ़ चातुर्मास के बाद जैन समाज के लोग नयन सागर को गिरनार पर्वत छोड़कर आएंगे। जैन समाज के संत आचार्य विद्यानंद ने कहा कि गलती देखना और सजा देने का अधिकार गुरु के पास है।
वहलना प्रवास के दौरान जैन मुनि नयन सागर की वीडियो क्लिप को लेकर जैन समाज में ऊहापोह की स्थिति है।
वीडियो क्लिप में दिखाई दी खतौली की युवती के परिजनों ने हरिद्वार के बहादराबाद थाने में नयन सागर के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में युवती ने थाने पहुंचकर कहा था कि उसका जैन मुनि ने कोई अपहरण नहीं किया। वह खुद ही घूमने गई थी। उसके बयान भी दर्ज हुए। परिजनों के मुताबिक युवती बयान देने के बाद फिर से गायब है। उधर, चंडीगढ़ में जैन मुनि नयन सागर का चातुर्मास चल रहा है। पूरे प्रकरण को लेकर हाल में चंडीगढ़ में जैन समाज की एक बैठक हुई थी। इस बैठक में 15 लोगों की कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया। इस कमेटी का अभी कोई निर्णय आया नहीं है।
इससे पहले ही जैन समाज दो धड़ों में बंटा है। एक धड़ा जैन मुनि के खिलाफ है, तो दूसरा पूरे प्रकरण को षड्यंत्र बता रहा है। चंडीगढ़ में चातुर्मास करा रहे जैन समाज के कई लोग संत आचार्य विद्यानंद से मुलाकात की। इस मामले में जैन समाज के लोगों ने विद्यानंद सागर से राय ली। इस पर आचार्य ने जैन समाज के लोगों से कहा कि आरोप सही है या गलत इसका निर्णय लेने का अधिकार उनके गुरु निर्मल सागर को है। निर्मल सागर ही उन्हें दंडित कर सकते हैं।
इसके बाद जैन समाज के लोग गुजरात के जूनागढ़ जिले के गिरनार पर्वत पर पहुंचे। आचार्य निर्मल सागर जी महाराज अपनी वृद्धावस्था में यहीं पर रह रहे हैं। पूरे प्रकरण को जानने के बाद आचार्य ने चंडीगढ़ जैन समाज को एक पत्र लिखा है, जो लोग उनसे मिलने गए उन्हें यह पत्र दिया। पत्र में कहा गया कि चंडीगढ़ समाज एवं मंदिर कमेटी उपाध्याय नयन सागर का चातुर्मास धर्म प्रभावना पूर्वक सानंद सम्पन्न कराएं।
चातुर्मास उपरांत जिम्मेदारी के साथ उनका विहार गिरनार क्षेत्र तक कराएं। आगम के अनुसार ही आगे की व्यवस्था तय की जाएगी। उनके गुण दोषों की समीक्षा की जाएगी। समाज निश्चित रहें, सारा कार्य पारदर्शिता पूर्वक होगा। विश्व शांति निर्मल ध्यान केंद्र से जारी इस पत्र के बाद चातुर्मास करा रहे चंडीगढ़ के जैन समाज ने कहा कि वह चातुर्मास में कोई विघ्न नहीं पड़ने देगा।
मेरठ में एडीजी से मिले जैन समाज के लोग
खतौली। जैन मुनि नयन सागर मामले में जैन समाज के लोग और युवती के परिजन मेरठ जाकर एडीजी प्रशांत कुमार से मिले। जैन समाज के लोगों ने युवती की सकुशल बरामदगी और वीडियो वायरल के मामले में जैन मुनि के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र भी दिया गया। जैन मुनि की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ने लगी हैं।
युवती का अभी तक पता नहीं चल सका है। शनिवार को जैन मुनि के वीडियो प्रकरण को लेकर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बरनावा के महामंत्री पंकज जैन के नेतृत्व में युवती के पिता व नगर से जैन समाज के लोग मेरठ में अपर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार से मिले। एडीजी से जैन समाज के लोगों ने एक ज्ञापन देकर युवती की शीघ्र बरामदगी कराने तथा जैन मुनि नयन सागर के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। एडीजी ने जैन समाज के लोगों को आश्वासन दिया है। एडीजी से मिलने वालों में जैन समाज के सुशील जैन, संजय दादरी, मधुकर जैन, उपेंद्र मुखिया, नवीन जानसठ, सभासद वैभव जैन, सभासद राकेश, भाजपा नेता अंकुर सिंघल, नीरज आदि शामिल रहे।
इंस्पेक्टर ने युवती के परिजनों के बयान लिए
मुजफ्फरनगर। वहलना प्रवास के दौरान की जैन मुनि नयन सागर की वीडियो वायरल मामले में शनिवार को शहर इंस्पेक्टर ने खतौली की युवती के परिजनों के बयान लिए। हालांकि बयान लेने के बाद उन्होंने युवती के लापता होने का मामला हरिद्वार के बहादराबाद का बताया। शनिवार को मेरठ में एडीजी प्रशांत कुमार से मिलने के बाद युवती के परिजन और जैन समाज के लोग मुजफ्फरनगर पहुंचे।
यहां पहले वहलना चौकी पर चौकी प्रभारी से मिले। इसके बाद शहर कोतवाली आकर इंस्पेक्टर अनिल कपरवान से मिले। इस दौरान इंस्पेक्टर ने युवती की मां और पिता से बातचीत कर उनका पक्ष जाना। उनका बयान भी लिया। परिजनों ने युवती की बरामदगी की मांग की। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि युवती के लापता होने का मामला हरिद्वार के बहादराबाद क्षेत्र से संबंधित है, जिसमें युवती अपने बयान दे चुकी है। इंस्पेक्टर कपरवान ने बताया कि आईजीआरएस के तहत इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र मिला था, उसी को लेकर युवती के परिजन और जैन समाज के लोग उनसे मिले थे। युवती की बरामदगी की मांग की गई, जबकि यह मामला बहादराबाद क्षेत्र का है।
अब निगाहें अंबाला की बैठक पर लगी
मुजफ्फरनगर। जैन मुनि नयन सागर के मामले में अब जैन समाज की निगाहें 20 अगस्त सोमवार को होने वाली जांच कमेटी की बैठक पर लगी है। यह बैठक अंबाला में होनी बताई गई है। वीडियो वायरल प्रकरण में जैन समाज दो धड़ों में बंटा है। एक धड़ा जैन मुनि नयन सागर के विरोध है तो दूसरा उनके पक्ष में है। खतौली की युवती के जैन मुनि के पक्ष में बयान देने के बाद जैन मुनि अपहरण के मामले से निकल चुके है, मगर, अभी वीडियो प्रकरण में उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई है।
आठ अगस्त को दिल्ली एनसीआर, वेस्ट यूपी के जैन समाज के लोग चंडीगढ़ में जाकर वहां चातुर्मास कर रहे जैन मुनि नयन सागर से मिले थे। चंडीगढ़ का जैन समाज उनके पक्ष में है, तब तय हुआ था कि वायरल वीडियो के सच की जांच 15 सदस्यीय कमेटी करेंगी, जिसमें पांच विद्वान, पांच सदस्य चंडीगढ़ के और पांच सदस्य यमुनापार जैन समाज दिल्ली के होगे, मगर अभी तक जांच नहीं हुई। चंडीगढ़ जैन समाज के पांच लोग इसके विरोध में आ गए। इस कारण निर्धारित तिथि 18 अगस्त को जांच कमेटी दिल्ली में बैठक नहीं कर सकी। अब यह बैठक 20 अगस्त सोमवार को अंबाला में होगी।